राजस्थान के नौगामा स्थित सुखोदय तीर्थ में भगवान मुनिसुव्रतनाथ की प्रतिमा भव्य नगर भ्रमण के बाद विधि-विधान एवं वैदिक मंत्रोच्चार के साथ मूल वेदी पर विराजमान की गई। श्रद्धालुओं ने जयघोष, पुष्पवर्षा और श्रीफल अर्पित कर भक्ति व्यक्त की। पढ़िए श्रीफल साथी सुरेश चंद्र गांधी की यह रिपोर्ट।
नौगामा (बांसवाड़ा, राजस्थान)। सुखोदय तीर्थ में भगवान मुनिसुव्रतनाथ की प्रतिमा का नगर भ्रमण श्रद्धा, भक्ति और उत्साह के वातावरण में सम्पन्न हुआ। बैंड-बाजों, धार्मिक भजनों और जयकारों के बीच निकली विशाल शोभायात्रा में बड़ी संख्या में श्रद्धालुओं ने भाग लिया। पूरे नगर में धर्ममय वातावरण बना रहा।
भव्य शोभायात्रा ने बांधा समां
शोभायात्रा में सौधर्म इंद्र हाथी पर विराजमान रहे। महिलाएं केसरिया परिधान में मंगल कलश लेकर चल रही थीं, जबकि पुरुष श्वेत वस्त्रों में एवं बालिकाएं हाथों में पंचरंगी जैन धर्म ध्वज लिए शोभायात्रा की शोभा बढ़ा रही थीं। श्रद्धालुओं ने मार्गभर भगवान के जयकारे लगाए और पुष्पवर्षा कर वातावरण को भक्तिमय बना दिया।
जगह-जगह हुआ स्वागत
नगरवासियों ने घर-घर तोरणद्वार सजाए, रंगोलियां बनाईं तथा भगवान की प्रतिमा पर श्रीफल अर्पित कर तिलक संस्कार किए। वैष्णव समाज के प्रतिनिधियों ने भी शोभायात्रा का स्वागत करते हुए अपनी श्रद्धा अर्पित की।
मंत्रोच्चार के बीच मूल वेदी पर विराजमान हुई प्रतिमा
शोभायात्रा सुखोदय तीर्थ नसिया जी पहुंची, जहां सुयश प्रतिष्ठाचार्य प्रदीप भैया एवं विधानाचार्य रमेश चंद्र गांधी के मंत्रोच्चार के बीच क्रेन की सहायता से भगवान मुनिसुव्रतनाथ की प्रतिमा को मूल वेदी पर विधिवत विराजमान किया गया। प्रतिमा विराजमान होते ही पूरा परिसर भगवान के जयघोष से गूंज उठा।
समाजजनों का हुआ सम्मान
इस अवसर पर पूर्व कैबिनेट मंत्री महेंद्र सिंह मालवीय, मंदिर निर्माण से जुड़े ठेकेदार दिनेश जी, वर्धमान हॉस्पिटल के प्रोपराइटर धनपाल जी, मोतीलाल जी, मूर्ति पुन्यार्जक प्रदीप रतनलाल, कमल वेदी पुन्यार्जक भरत पंचोली तथा यंत्र स्थापना से जुड़े चौधरी नंदन जी, चरण जी एवं रतनलाल-मीठालाल जी सहित अनेक सहयोगियों का श्री समाज द्वारा सम्मान किया गया।
सफल आयोजन पर जताया आभार
जैन समाज अध्यक्ष विपुल पंचोली, उपाध्यक्ष संजय गांधी, कोषाध्यक्ष राजेश गांधी, वास्तु शास्त्री श्रीपाल नानावटी एवं आशीष पिंडारमियां ने आयोजन की सफलता पर सभी श्रद्धालुओं का आभार व्यक्त किया। नवयुग मंडल अध्यक्ष मुकेश गांधी ने सभी कार्यकर्ताओं के सहयोग की सराहना करते हुए आयोजन को ऐतिहासिक बताया।
धर्म और एकता का संदेश
यह आयोजन केवल प्रतिमा प्रतिष्ठा का कार्यक्रम नहीं, बल्कि समाज की एकजुटता, आस्था और धार्मिक संस्कारों का जीवंत उदाहरण बनकर सामने आया। बड़ी संख्या में श्रद्धालुओं की सहभागिता ने आयोजन को यादगार बना दिया।













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