टीएमयू के कॉलेज ऑफ कम्प्यूटिंग साइंसेज़ एंड इन्फॉर्मेशन टेक्नोलॉजी सीसीएसआईटी में एआई अवेयरनेस क्विज़ 2026 में 49 टीमों ने शिरकत की। एआई अवेयरनेस क्विज़ 2026 में बीसीए- डेटा एनालिटिक्स की छात्रा आयुषी जैन और बीसीए- साइबर सिक्योरिटी की छात्रा प्राची चौधरी संयुक्त रूप से विजेता रहीं। मुरादाबाद से पढ़िए, प्रो. श्यामसुंदर भाटिया की यह रिपोर्ट…
मुरादाबाद। तीर्थंकर महावीर यूनिवर्सिटी के कॉलेज ऑफ कम्प्यूटिंग साइंसेज़ एंड इन्फॉर्मेशन टेक्नोलॉजी-सीसीएसआईटी में एआई अवेयरनेस क्विज़ 2026 में बीसीए डेटा एनालिटिक्स की छात्रा आयुषी जैन और बीसीए साइबर सिक्योरिटी की छात्रा प्राची चौधरी संयुक्त रूप से विजेता रहीं। बीसीए डेटा एनालिटिक्स की स्टूडेंट्स वैष्णवी और अनुष्का रावत दूसरे स्थान पर रहीं। प्रतियोगिता में कुल 49 टीमों ने पंजीकरण कराया। प्रत्येक टीम में दो सदस्य शामिल थे। प्रतियोगिता तीन चरणों में की गई, जिससे प्रतिभागियों की ज्ञान क्षमता, विश्लेषणात्मक सोच और तकनीकी समझ का समग्र मूल्यांकन किया गया। प्रारंभिक चरण में कृत्रिम बुद्धिमत्ता, मशीन लर्निंग, डेटा साइंस, उभरती तकनीकों एवम् सामान्य तकनीकी जागरूकता से संबंधित बहुविकल्पीय प्रश्न पूछे गए। दूसरे चरण में प्रतिभागियों की तार्किक क्षमता, विश्लेषणात्मक दृष्टिकोण एवम् एआई संबंधी गहन जानकारी का परीक्षण किया गया। इस चरण में श्रेष्ठ प्रदर्शन करने वाली टीमों को अंतिम दौर के लिए चयनित किया गया। अंतिम चरण ऑफलाइन मोड में आयोजित किया गया। अंतिम चरण में रैपिड रेस्पोंस आधारित गतिविधियों के जरिए प्रतिभागियों की निर्णय क्षमता, विषयगत गहराई और तकनीकी दक्षता को परखा गया।
वर्तमान युग आर्टिफ़िशियल इंटेलिजेंस एआई का है
इससे पूर्व फैकल्टी ऑफ इंजीनियरिंग के डीन प्रो. राकेशकुमार द्विवेदी, कार्यक्रम के समन्वयक डॉ. प्रियांक सिंघल एवं शिवांश शर्मा और सीसीएसआईटी के प्रॉक्टर प्रो. प्रदीप कुमार, बीएससी सीएस के प्रोग्राम कोऑर्डिनेटर ब्रहमदत्त गौड़ आदि ने मां सरस्वती के समक्ष दीप प्रज्जवलित करके कार्यक्रम का शुभारंभ किया। फैकल्टी ऑफ इंजीनियरिंग के डीन प्रो. आरके द्विवेदी ने कहा कि वर्तमान युग आर्टिफ़िशियल इंटेलिजेंस एआई का है, जो शिक्षा, उद्योग, स्वास्थ्य, अनुसंधान, कृषि, व्यापार तथा समाज के विभिन्न क्षेत्र में व्यापक और सकारात्मक परिवर्तन ला रही है। एआई केवल एक तकनीक नहीं, बल्कि भविष्य की विकास यात्रा का महत्वपूर्ण आधार बन चुकी है। ऐसे में विद्यार्थियों के लिए इसके सिद्धांतों, अनुप्रयोगों और संभावनाओं को समझना अत्यंत आवश्यक है, ताकि वे आने वाली चुनौतियों और अवसरों के लिए स्वयं को तैयार कर सकें। संचालन स्टूडेंट्स अंशिका कक्कड़, प्रिया, मेहुल मेहरोत्रा और तनिष्क गुप्ता ने किया।













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