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अयोध्या तीर्थ प्रभावना रथ का भारत भ्रमण के लिए हुआ प्रवर्तन : आर्यिका श्री ज्ञानमती माताजी के सानिध्य में हुआ लोकार्पण कार्यक्रम सम्पन्न


अयोध्या तीर्थ प्रभावना रथ का लोकार्पण कार्यक्रम गणिनी आर्यिका माताजी के पावन सान्निध्य में सम्पन्न हुआ। अयोध्या से गणिनीप्रमुख आर्यिका श्री ज्ञानमती माताजी के करकमलों द्वारा ‘‘भगवान ऋषभदेव जन्मभूमि अयोध्या तीर्थ प्रभावना रथ’’ का प्रवर्तन भारत भ्रमण के लिए किया गया। पढ़िए मनोज जैन नायक की रिपोर्ट…


अयोध्या। अयोध्या तीर्थ प्रभावना रथ का लोकार्पण कार्यक्रम गणिनी आर्यिका माताजी के पावन सान्निध्य में सम्पन्न हुआ। दिगम्बर जैन समाज के लिए एक ऐतिहासिक दिवस सिद्ध हुआ, जब शाश्वत तीर्थंकर जन्मभूमि अयोध्या से गणिनीप्रमुख आर्यिका श्री ज्ञानमती माताजी के करकमलों द्वारा ‘‘भगवान ऋषभदेव जन्मभूमि अयोध्या तीर्थ प्रभावना रथ’’ का प्रवर्तन भारत भ्रमण के लिए किया गया। श्रावण कृष्ण नवमी को शुभ मुहूर्त में मध्यान्ह 12.15 से 1.30 बजे के मध्य समारोहपूर्वक इस रथ का प्रवर्तन किया गया।

पांच तीर्थकरों की प्रतिमाएं लगाईं

पावन भूमि अयोध्या में अति सुन्दर बने इस रथ पर अयोध्या में जन्मे पांच तीर्थंकरों की प्रतिमाएं स्टेचू रूप में लगाई गई हैं। साथ ही जन्मभूमि के प्रतीक में स्वर्णिम पालना भी स्थापित है, जिसमें 2 कल्याणकों से पवित्र भगवान ऋषभदेव की वस्त्राभूषणों से सजी-धजी प्रतिमा को स्थापित किया गया है। इसके साथ ही भगवान ऋषभदेव की एक प्रतिष्ठित चल प्रतिमा भी रथ में स्थापित की गई है। ऐसे स्वर्णिम रथ का प्रवर्तन पूरी साज-सज्जा के साथ पूज्य गणिनीप्रमुख श्री ज्ञानमती माताजी के करकमलों द्वारा केशर से स्वस्तिक बनाकर भारत भ्रमण के लिए किया गया। इस अवसर पर धर्मचक्र लेकर रथ में बैठने का सौभाग्य सौधर्म इन्द्र बने प्रकाशचंद जैन लाडनू वालों ने प्राप्त किया। रत्नवृष्टि हेतु धनकुबेर का सौभाग्य श्री श्याम सुन्दर अग्रवाल-मुम्बई ने प्राप्त किया एवं भगवान की मंगल आरती का सौभाग्य श्री राजेन्द्र प्रसाद कमल कुमार इन्द्र कुमार जैन-कटक ने प्राप्त करके पुण्य अर्जित किया। इस रथ प्रवर्तन के अवसर पर भगवान के प्रथम पालना झुलाने का सौभाग्य श्री विजय कुमार जैन-निमियाघाट ने प्राप्त किया। इस प्रकार बाजे-गाजे के साथ यह रथ भगवान ऋषभदेव जन्मभूमि दिगम्बर जैन मंदिर, बड़ी मूर्ति, अयोध्या से जुलूसपूर्वक निकाला गया।

रथ का प्रवर्तन कार्यक्रम यह रहेगा

आगे इस रथ का प्रवर्तन एक सप्ताह तक उत्तरप्रदेश में होगा, जिसमें बुधवार को टिकैतनगर एवं सायं दरियाबाद में, 13 जुलाई को प्रातः तहसील फतेहपुर एवं सायं बिलहरा व पैतेपुर में, 14 जुलाई को महमूदाबाद में, पुनः 15 जुलाई को सिधौली व 16 जुलाई को बाराबंकी होते हुए लखनऊ एवं कानपुर के रास्ते यह रथ राजस्थान में प्रवेश करेगा। मुख्यरूप से वर्तमान में यह रथ 20 जुलाई को तिजारा जी अतिशय क्षेत्र से सम्पूर्ण राजस्थान प्रदेश के लिए प्रवर्तित किया जायेगा। राजस्थान प्रदेश के भ्रमण के लिए अध्यक्ष के रूप में रमेश जैन तिजारिया-जयपुर, महामंत्री राजकुमार जैन कोठारी-जयपुर एवं राजस्थान प्रदेश संयोजक के रूप में राष्ट्रीय महामंत्री अखिल भारतवर्षीय दिगंबर जैन युवा परिषद श्री उदयभान जैन-जयपुर एवं राजस्थान प्रदेश अध्यक्ष दिलीप जैन, जयपुर को कार्यभार सौंपा गया है।

इस रथ के प्रवर्तन में प्रतिष्ठाचार्य पं. सतेन्द्र जैन-तिवरी के निर्देशन में प्रतिदिन रथ के कार्यक्रम सम्पन्न होंगे। रथ की समस्त संयोजना श्री दिगम्बर जैन अयोध्या तीर्थक्षेत्र कमेटी द्वारा सम्पन्न की जाएगी। कमेटी द्वारा इस अवसर पर रथ में सेवाएं देने वाले संयोजकगण प्रतिष्ठाचार्य श्री विजय कुमार जैन, डॉ. जीवन प्रकाश जैन, प. अजित शास्त्री, टीकमगढ़ व मैनेजर मिलेश जैन आदि सभी कार्यकर्ताओं का भी सम्मान किया गया। समस्त रथ के भ्रमण के लिए प्रज्ञाश्रमणी आर्यिका श्री चंदनामती माताजी का मार्गदर्शन एवं कमेटी अध्यक्ष स्वस्तिश्री रवीन्द्रकीर्ति स्वामीजी का कुशल निर्देशन प्राप्त हो रहा है।

आज के उद्घाटन अवसर पर विशेषरूप से कार्याध्यक्ष अनिल कुमार जैन-प्रीतविहार, दिल्ली, महामंत्री-श्री अमरचंद जैन-टिकैतनगर, कोषाध्यक्ष ऋषभ जैन-तह. फतेहपुर के साथ ही जितेन्द्र जैन ‘लल्ला’-तह. फतेहपुर, तेजकुमार जैन-बाराबंकी, परमेन्द्र जैन-टिकैतनगर, निधेश जैन-टिकैतनगर आदि अनेक स्थानों से भक्तों ने उपस्थित रहकर इन ऐतिहासिक क्षणों के साक्षी बनने का सौभाग्य अर्जित किया।

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