Author - Rekha Jain

तीर्थ यात्रा

अतिशय तीर्थ पार्ट 23 मनवांछित इच्छाएं पूरी होती हैं यहां श्री सुमतकीर्ति भट्टारकजी महाराज उड़ा कर लाए थे इस मन्दिर को

जैन अतिशय क्षेत्र जैन धर्म के अत्यंत महत्वपूर्ण तीर्थ स्थल हैं। इन क्षेत्रों में जैन धर्म के भगवान महावीर और उनके पूर्वकल्याणकारक जिनेन्द्र देव के आध्यात्मिक...

तीर्थ यात्रा

अतिशय तीर्थ पार्ट 22 शांतिनाथ और अजीतनाथ भगवान की चमत्कारी प्रतिमा हैं यहां बैलगाड़ी यहां से आगे ही नहीं बढ़ी और मूर्ति यहीं हो गई विराजमान

जैन अतिशय क्षेत्र जैन धर्म के अत्यंत महत्वपूर्ण तीर्थ स्थल हैं। इन क्षेत्रों में जैन धर्म के भगवान महावीर और उनके पूर्वकल्याणकारक जिनेन्द्र देव के आध्यात्मिक...

तीर्थ यात्रा

अतिशय तीर्थ पार्ट 21 मुसलमान बादशाह की हाथ जोड़े खड्गासन प्रतिमा मौजूद है इस मंदिर में यहां कुतुबुद्दीन ऐबक को भी नगर में आक्रमण करने पर भगवान श्री आदिनाथ के समक्ष नतमस्तक होना पड़ा था

जैन अतिशय क्षेत्र जैन धर्म के अत्यंत महत्वपूर्ण तीर्थ स्थल हैं। इन क्षेत्रों में जैन धर्म के भगवान महावीरआदिनाथ और उनके पूर्वकल्याणकारक जिनेन्द्र देव के...

समाचार

श्री शांतिसागरजी ने जिनवाणी को ताम्र-पत्र पर अंकित कराने की प्रेरणा दीः पारसोला प्रथम नगर जहां आचार्यश्री शांतिसागरजी की दो प्रतिमाएं विराजित

वात्सल्य वारिधि आचार्यश्री वर्धमान सागरजी 33 साधु सहित पारसोला में विराजित है। पारसोला दिगंबर जैन समाज अनन्य गुरुभक्त समाज है, जिन्होंने किए संकल्प वचन का...

तीर्थ यात्रा

अतिशय तीर्थ पार्ट 20 इस पवित्र मंदिर में पांच भूमिगत स्तर हैं, जिनमें से पांचवां तल हमेशा बंद रखा जाता है यक्षों द्वारा संरक्षित एक प्राचीन छोटा मंदिर है यहां

जैन अतिशय क्षेत्र जैन धर्म के अत्यंत महत्वपूर्ण तीर्थ स्थल हैं। इन क्षेत्रों में जैन धर्म के भगवान महावीर और उनके पूर्वकल्याणकारक जिनेन्द्र देव के आध्यात्मिक...

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अतिशय तीर्थ पार्ट 19 काले पत्थर से बनी मूर्ति होने के कारण इस मंदिर का एक नाम है कालाजी मंदिर सदियों से भगवान को केसर भेंट करने की परंपरा रही है इस मंदिर में

जैन अतिशय क्षेत्र जैन धर्म के अत्यंत महत्वपूर्ण तीर्थ स्थल हैं। इन क्षेत्रों में जैन धर्म के भगवान महावीर और उनके पूर्वकल्याणकारक जिनेन्द्र देव के आध्यात्मिक...

समाचार

क्षपकोतमा आर्यिकाश्री तपन मति माताजी का 6 उपवास पश्चात सम्यक उत्तम समाधि मरण: विमान यात्रा डोला निकाला जा रहा

  आर्यिका श्री तपनमति माताजी का उत्तम समाधिमरण 26 दिसंबर की रात 10.28 बजे हो गया है। उनकी पार्थिव देह का विमान डोला सुबह 8 बजे निकाला जा रहा है। पढ़िए अशोक...

आलेख श्रीफल ओरिजिनल

26 दिसंबर को मनाया जाएगा भगवान चंद्रप्रभ का जन्म और तपकल्याणक : जानिए भगवान चंद्रप्रभ के देश भर के प्रमुख अतिशय क्षेत्रों के बारे में

भगवान चंद्रप्रभ का जीवन तपस्या और साधना से परिपूर्ण था, और उनके जीवन के कई प्रसंगों से भक्तों को प्रेरणा मिलती है। 26 दिसंबर को भगवान चंद्रप्रभु के जन्मकल्याणक...

आलेख श्रीफल ओरिजिनल

26 दिसंबर को भगवान पार्श्वनाथ का जन्म और तप कल्याणक मनाया जाएगा : जानिए भगवान पार्श्वनाथ के देश भर के प्रमुख अतिशय क्षेत्रों के बारे में

भगवान पार्श्वनाथ की जीवनगाथाएं, उनके उपदेश और उनके चमत्कारी कार्य आज भी लाखों भक्तों को प्रेरित करते हैं। उनकी जन्मजयंती पर आयोजित होने वाले आयोजनों में लाखों...

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