Author - Rekha Jain

समाचार

णमोकार मंत्र की साधना से करने से मिलती है यहां असीम शांति : आध्यात्मिक साधना, आत्मकल्याण और श्रद्धा का एक अनुपम केंद्र है यह अतिशय क्षेत्र

जैन अतिशय क्षेत्र जैन धर्म के अत्यंत महत्वपूर्ण तीर्थ स्थल हैं। इन क्षेत्रों में जैन धर्म के भगवान महावीर और उनके पूर्वकल्याणकारक जिनेन्द्र देव के आध्यात्मिक...

तीर्थ यात्रा

अतिशय तीर्थ पार्ट 39 प्राकृतिक सौंदर्य और आध्यात्मिक शांति का अद्वितीय संगम यह तीर्थ क्षेत्र आचार्य विद्यासागर जी महाराज के मार्गदर्शन में हुआ था इस मंदिर का निर्माण

जैन अतिशय क्षेत्र जैन धर्म के अत्यंत महत्वपूर्ण तीर्थ स्थल हैं। इन क्षेत्रों में जैन धर्म के भगवान महावीर और उनके पूर्वकल्याणकारक जिनेन्द्र देव के आध्यात्मिक...

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फादर्स डे पर विशेष पिता के स्नेह और समर्पण को समर्पित दिन : “पिता: जीवन की जड़, संत: जीवन की दिशा”

फादर्स डे एक विशेष दिन है जो पिता के प्रेम, त्याग और मार्गदर्शन को सम्मान देने के लिए मनाया जाता है। यह दिन हमें अपने पिता के प्रति कृतज्ञता व्यक्त करने का...

तीर्थ यात्रा

अतिशय तीर्थ पार्ट 38 मनोती पूरे होने के लिए प्रसिद्ध है यह अतिशय क्षेत्र प्रतिमाओं से समय-समय पर प्रकट होती हैं यहां तेजोमय आभा

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संतों के परिवार में एक और दीक्षार्थी का पुण्य हुआ प्रबल 8 जून को उदयपुर में होगी क्षुल्ल्क दीक्षा

दीक्षार्थी सुरेंद्रकुमार जीरभार की दीक्षा 8 जून को होगी। आचार्य कल्प पुण्य सागर महाराज दीक्षा प्रदान करेंगे । दीक्षा कार्यक्रम उदयपुर के हुमड़ भवन में होगा।...

तीर्थ यात्रा

अतिशय तीर्थ पार्ट 37 हर संकट को हरने वाले तीर्थंकर प्रभु विराजमान हैं यहां दिन में तीन बार रूप बदलती है यह प्रतिमा

जैन अतिशय क्षेत्र जैन धर्म के अत्यंत महत्वपूर्ण तीर्थ स्थल हैं। इन क्षेत्रों में जैन धर्म के भगवान महावीर और उनके पूर्वकल्याणकारक जिनेन्द्र देव के आध्यात्मिक...

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श्रुत हमारा धर्म है, धर्म हमारा जीवन है : जिनवाणी माता का संदेश – पढ़ो, समझो और आगे बढ़ो

श्रुत पंचमी जैन धर्म का एक पवित्र पर्व है, जिसे ज्ञान की आराधना का दिन माना जाता है। यह पर्व ज्येष्ठ शुक्ल पंचमी के दिन मनाया जाता है और मुख्य रूप से जैन आगम...

तीर्थ यात्रा

अतिशय तीर्थ पार्ट 36 आधुनिक सुविधाओं से युक्त है यह तीर्थ स्थल भगवान पार्श्वनाथ की 13.5 फीट ऊंची काले पत्थर की ध्यानमग्न प्रतिमा विराजमान है यहां

जैन अतिशय क्षेत्र जैन धर्म के अत्यंत महत्वपूर्ण तीर्थ स्थल हैं। इन क्षेत्रों में जैन धर्म के भगवान महावीर और उनके पूर्वकल्याणकारक जिनेन्द्र देव के आध्यात्मिक...

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अतिशय तीर्थ पार्ट 35 प्राचीन समय से इस मंदिर में रहते हैं नागराज अब भी भूगर्भ में विद्यमान हैं यहां प्रतिमाएं

जैन अतिशय क्षेत्र जैन धर्म के अत्यंत महत्वपूर्ण तीर्थ स्थल हैं। इन क्षेत्रों में जैन धर्म के भगवान महावीर और उनके पूर्वकल्याणकारक जिनेन्द्र देव के आध्यात्मिक...

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अतिशय तीर्थ पार्ट 34 शुद्ध आटे का सीरा बनाकर लगाने से जुड़ गई थी प्रतिमा मुगल शासकों के भय से किया गया था इस मूर्ति को अन्यत्र ले जाने का प्रयास

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