आज विश्व आदिवासी दिवस है। आदिवासी, जैसा कि उनके नाम से पता चलता है, उपमहाद्वीप के शुरुआती निवासी हैं और वर्तमान की तुलना में वे पूर्व में बहुत बड़े क्षेत्रों...
Author - संपादक
![]()
श्रीमहावीरजी । परम पूज्य आचार्य श्री वर्धमान सागर महाराज के हस्तकमलो से आज 4 दीक्षाए होनी है उससे पूर्व दीक्षार्थियों के केशलोचन प्रारम्भ हो गई है । केशलोचन कि...
मुनिश्री ने कहा, सुख और दुख में धर्म की अनुभूति में ही परमानंद न्यूज़ सौजन्य -राजीव सिंघई ललितपुर। आध्यात्मिक संत निर्यापक मुनि श्री सुधासागर जी महाराज...
सफलता की राह पर चलते हुए अपने मन में घमंड व अहंकार पनपने न दें। अहंकार पतन का रास्ता तैयार करता है।
मूर्ख लोगों से वाद-विवाद नहीं करना चाहिए। मूर्खों के साथ विवाद करने से अपना ही समय नष्ट होता है।
जो बहुत धन, विद्या तथा ऐश्वर्य को पाकर भी इठलाता नहीं है, वही सच्चा पंडित कहा जाता है।
जिस प्रकार समुद्र को पार करने में नाव की जरूरत होती है, उसी प्रकार स्वर्ग के लिए सत्य ही एकमात्र सीढ़ी है।
जो व्यक्ति अपने मन को काबू में नहीं रख पाता, वह कभी सफलता प्राप्त नहीं कर पाता।
प्रतिदिन चैतन्य नीति वाक्य पाने के लिए क्लिक करें
जिस धन को कमाने में मन तथा शरीर का क्लेश हो, धर्म का उलंघन करना पड़े, सिर शत्रु के सामने झुकाना पड़ जाए, ऐसे धन का विचार त्यागना ही बेहतर है।








