बिहार में मंदारगिरि पर्वत पर स्तिथ वासुपूज्य भगवान की तपस्थली पर चरणों के पास और मुख्य द्वार पर असामाजिक तत्वों के द्वारा कब्जे की कोशिश की जा रही है। जैन समाज के बंधुओं से अपील की जा रही है कि वे अपनी प्राचीन धरोहर को बचाने हेतु वहां पहुंचे और प्रशासन पर दबाव बनाए । पढ़िए राजेश जैन दद्दू और मयंक जैन की रिपोर्ट ।
बिहार । मंदारगिरि पर्वत पर स्तिथ वासुपूज्य भगवान की तपस्थली पर चरणों के पास और मुख्य द्वार पर असामाजिक तत्वों के द्वारा कब्जे की कोशिश की जा रही है. विश्व जैन संगठन के प्रचारक राजेश जैन दद्दू, मयंक जैन ने बताया की कुछ लोगों ने वासुपूज्य भगवान की तपस्थली पर चरणों के पास और मुख्य द्वार पर लिखे गए शिला लेख पर रंग लगाकर रामझरोखा लिख दिया है. इस घटना पर तुरंत कार्रवाई हो इसके लिए तीर्थ क्षेत्र कमेटी के सदस्य, भागलपुर और आसपास के क्षेत्रों के जैन समाज के निवासी बंधु मंदारगिरि जल्द पहुंचे और अपनी प्राचीन प्राचीन धरोहर को बचाने हेतु प्रयास करें और प्रशासन पर पुरजोर दवाब बनाए.
कब्जे का प्रयास
ये सिर्फ पहाड़ों पर स्थित प्राचीन जैन तीर्थों पर पहले छोटे-छोटे मंदिर बनाने और उसके साथ चमत्कारिक कहानियां बनाकर लोगों को प्रभावित करने का मामूला तरीका बताया जा रहा है। साथ ही सरकारी पैसों का उपयोग करके रोपवे लगाकर और अन्य सुविधाएं बढ़ाकर कोशिश की जा रही है यहां लोगों का ज्यादा आना जाना बढ़ जाए, ताकि आसानी से कब्जा किया जा सके. जबकि शांतिप्रिय जैन समुदाय को डरा कर या राजनीतिक दबाव में चुप कराया जा रहा है। इसका एक उदाहरण मान सकते हैं जैसे गिरनार जी, पावागढ़, मंदारगिरि, राजगिरि जैन तीर्थ हैं।
इस परिस्थिति में मंदारगिरि पहुंचकर जैन समाज के बंधुओं से अपील की जा रही है कि वे अपने प्राचीन धरोहर को बचाने हेतु प्रशासन पर दबाव बनाए और विश्व जैन संगठन के साथ मिलकर इस मुद्दे पर कार्रवाई के लिए प्रयास करें।













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