अष्टापद-बद्रीनाथ सिद्धक्षेत्र में 23 अप्रैल 2026 से पावन कपाट खुलेंगे। आर्यिका रत्न श्री 105 पूर्णमती माताजी के सानिध्य में यह आयोजन होगा, जहां श्रद्धालु शरद पूर्णिमा तक दर्शन कर सकेंगे। देशभर से बड़ी संख्या में भक्तों के आने की संभावना है। — रिपोर्ट: रेखा जैन
अष्टापद (उत्तराखंड) । धर्म और आस्था का एक बड़ा पर्व 23 अप्रैल 2026 से शुरू होने जा रहा है। श्री दिगम्बर जैन सिद्धक्षेत्र अष्टापद-बद्रीनाथ में पावन कपाट श्रद्धालुओं के लिए खोले जाएंगे। यह आयोजन सजग साधिका प. पू. आर्यिका रत्न श्री 105 पूर्णमती माताजी के पावन सानिध्य में होगा।
आध्यात्मिक महत्व क्या है?
अष्टापद क्षेत्र को प्रथम तीर्थंकर भगवान आदिनाथ की निर्वाण भूमि माना जाता है। यही वजह है कि यह स्थान जैन धर्म के लिए अत्यंत पवित्र और श्रद्धा का केंद्र है। यहां आकर श्रद्धालु आत्मिक शांति और धर्म का अनुभव करते हैं।
कब तक मिलेंगे दर्शन?
23 अप्रैल से कपाट खुलने के बाद यह सिद्धक्षेत्र शरद पूर्णिमा तक श्रद्धालुओं के लिए खुला रहेगा। यानी भक्तों के पास लंबा समय रहेगा दर्शन और साधना का लाभ लेने के लिए।
क्या-क्या होंगे आयोजन?
इस दौरान श्रद्धालुओं को तीर्थंकरों की चरण वंदना,पूजन-अर्चना,ध्यान और साधना
जैसे विशेष धार्मिक कार्यों में शामिल होने का मौका मिलेगा।
व्यवस्थाएं और तैयारियां
संस्था के अध्यक्ष आदित्य कासलीवाल, महामंत्री कीर्ति पांड्या और कोषाध्यक्ष अमित कासलीवाल ने बताया कि देशभर से आने वाले श्रद्धालुओं के लिए विशेष व्यवस्थाएं की जा रही हैं, ताकि सभी को सुगमता से दर्शन का लाभ मिल सके।
निर्माण कार्य का भी शुभारंभ
इस आयोजन के साथ ही अष्टापद क्षेत्र में नए निर्माण कार्यों की शुरुआत भी होगी, जिससे भविष्य में यह स्थान और अधिक विकसित होकर एक प्रमुख जैन तीर्थ के रूप में उभरेगा।
श्रद्धालुओं से अपील
ट्रस्ट पदाधिकारियों ने सभी धर्मप्रेमियों से आग्रह किया है कि वे इस पावन अवसर का लाभ लें और धर्म-आराधना में सहभागी बनें।
महत्वपूर्ण जानकारी:
कपाट खुलने की तिथि: 23 अप्रैल 2026
स्थान: अष्टापद-बद्रीनाथ, जिला चमोली (उत्तराखंड)
सानिध्य: आर्यिका रत्न श्री 105 पूर्णमती माताजी
आवास संपर्क नंबर – 9425053439,9826768140,6264940717













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