परम् पूज्य विदुषी आर्यिका 105 प्रशांत मति माता जी के 38वें संयम दीक्षा दिवस पर श्री पार्श्वनाथ दिगम्बर जैन बड़ा मंदिरजी में भव्य भजन संध्या का आयोजन किया गया। इस अवसर पर आर्यिका श्री का अभिनंदन भी किया गया। पढ़िए सन्मति जैन काका की रिपोर्ट…
सनावद। परम् पूज्य विदुषी आर्यिका 105 प्रशांत मति माता जी के 38वें संयम दीक्षा दिवस पर श्री पार्श्वनाथ दिगम्बर जैन बड़ा मंदिरजी में भव्य भजन संध्या का आयोजन किया गया। जिसमें प्रदीप पंचोलिया, पंकज जटाले, प्रशांत चौधरी, संगीता पाटौदी ने सुमधुर भजनों की प्रस्तुति देकर सभी भक्तों को भक्ति में विभोर कर दिया।
विदुषी आर्यिका की उपाधि प्राप्त
सन्मति जैन काका ने बताया कि आर्यिका मां प्रशांतमति माता जी का जन्म 3 अक्टूबर,1956 को आशोज कृष्ण चौदस को भावनगर (गुजरात) में हुआ था। आपने आजीवन ब्रह्मचर्य व्रत कार्तिक शुक्ल दूज को नसलापुर में आचार्य शुभल सागर जी महाराज से लिया। आपकी आर्यिका दीक्षा 22 अप्रेल, 1986 को चैत्र शुक्ल चतुर्दशी को मुनि श्री दया सागर जी महाराज से हुई। आपको विदुषी आर्यिका की उपाधि भी प्राप्त है। आपका दीक्षा पूर्व नाम ब्र.पंकज बेन था। आपने चातुर्मास वर्ष 2012 का सनावद में एवं वर्ष 2013 का चातुर्मास सनावद के समीप पोदनपुरम में कर के अपनी ज्ञान की गंगा बहाकर सभी उसका रस पान करवाया था।

किया गया अभिनंदन
इस पावन अवसर पर सनावद नगर में सेवा समर्पण का भाव रखने वालीं व अभी तक सनावद नगर में सब से ज्यादा उपवास करने वालीं ज्योति बाला धनोते का पार्श्वनाथ महिला मंडल सुपार्श्वनाथ महिला मंडल व श्री शेवताम्बर समाज की ओर से आपका शॉल, श्रीफल व माला से भावभीना स्वागत किया गया। इस अवसर पर सरल जटाले, लोकेन्द्र जैन, प्रशांत चौधरी, वारिश जैन, अक्षय जैन, अरविंद जैन, सुधीर पंचोलिया, महेन्द्र मुंसी, राजेश ब्रदर्स, डॉ.उत्तम जैन व जवाहरलाल जैन सहित सभी समाजजन उपस्थित थे।













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