डबरा कस्टम रोड स्थित महावीर दिगंबर जैन मंदिर में चल रहे चातुर्मास में मुनि श्री विनय सागर जी ने सहनशीलता की सीमाओं और आत्मसम्मान की महत्ता पर विशेष प्रवचन दिए। पढ़िए पूरी रिपोर्ट…
डबरा कस्टम रोड। श्री महावीर दिगंबर जैन मंदिर, कस्टम रोड पर चल रहे अरिहंत वर्षा योग चातुर्मास 2025 में राष्ट्र संत मुनि श्री 108 विनय सागर जी महाराज के सानिध्य में नवकार विधान, अभिषेक, शांतिधारा और महाआरती जैसे धार्मिक कार्यक्रमों के साथ श्रद्धा का उत्सव संपन्न हो रहा है।
35 दिवसीय नवकार विधान में भाग लेने वाले श्रद्धालुओं ने णमोकार मंत्र की महिमा को आत्मसात किया। भगवान तीर्थंकर के अभिषेक उपरांत शांतिधारा का सौभाग्य श्रद्धालुओं को प्राप्त हुआ।
सहनशीलता एक अद्भुत शक्ति है
मुनि श्री ने अपने प्रवचनों में सहनशीलता के विषय पर गूढ़ विवेचन करते हुए कहा कि
सहनशीलता एक अद्भुत शक्ति है, लेकिन इसकी भी एक सीमा होती है। आत्मसम्मान और मानसिक शांति, किसी भी रिश्ते से अधिक मूल्यवान हैं। जब धैर्य का दुरुपयोग हो, तब मौन और दूरी ही सबसे श्रेष्ठ उत्तर बन जाते हैं।
उन्होंने महाभारत के भीष्म पितामह का उदाहरण देते हुए स्पष्ट किया कि संतुलन के साथ अपनी गरिमा को बनाए रखना ही सच्चा जीवन है।
इस अवसर पर शशि जैन, अमित कुमार, जीतेंद्र कुमार, मनीष कुमार, आरव, नित्या, हितांशी जैन रजियार परिवार द्वारा मोक्ष कल्याणक दिवस पर प्रथम लाडू चढ़ाया गया। महा आरती, सांस्कृतिक कार्यक्रम एवं मंगलाचरण का आयोजन विभिन्न संस्थाओं के सहयोग से हुआ। शास्त्री विजय जैन जी की वाणी से श्रद्धालुओं को धर्म लाभ प्राप्त हुआ।
इस आयोजन में उपस्थित रहे
मंत्री विजय जैन रजियार, अध्यक्ष राजेन्द्र जैन, कोमल जैन, दीपक जैन, वीरेंद्र, नरेश चौधरी, अनिल टाटा, राजू जैन, रितेश जैन, अरविंद जैन, मोहन बाबू, सुभाष, रॉकी जैन, हेमंत, मनोज, रोहित जैन, नितिन जैन, देवेंद्र, राजेश, जीतू, चंद्रशेखर, रिंकू, दिनेश जैन, अधिवक्ता प्रेमचंद जैन पम्मी, विवेक आदि उपस्थित रहे।













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