महरौली-दिल्ली स्थित अहिंसा स्थल पर 24 वर्ष बाद हुए महामस्तकाभिषेक महोत्सव में जहां धार्मिक अनुष्ठानों और भक्ति हुई। विभिन्न स्थानों से बड़ी संख्या में समाजजन और श्रद्धालु एकत्रित हुए। अंबाह के सुदीप जैन ने सभी के लिए वात्सल्य भोज का प्रबंधन किया। जिसकी सभी ने सराहना की। अंबाह से अजय जैन की पढ़िए यह खबर…
अंबाह। महरौली-दिल्ली स्थित अहिंसा स्थल पर 24 वर्ष बाद हुए महामस्तकाभिषेक महोत्सव में जहां धार्मिक अनुष्ठानों और भक्ति से वातावरण गूंज उठा। वहीं श्रद्धालुओं की सेवा में अंबाह के अमिल्हेड़ा गांव के निवासी सुदीप जैन ने अहम भूमिका निभाई। उन्होंने पूरे कार्यक्रम के दौरान आए भक्तों के लिए विशाल भंडारे का प्रबंधन किया। ऐतिहासिक महोत्सव में दिल्ली-एनसीआर से लगभग 10 हजार धर्मप्रेमी एकत्र हुए। मुनि श्री प्रणम्य सागर महाराज के सानिध्य में हुए इस कार्यक्रम में जहां एक ओर धार्मिक विधान, जिनाभिषेक, झंडारोहण और भजन संध्या जैसे आध्यात्मिक कार्यक्रमों की गूंज रही। वहीं दूसरी ओर सुदीप जैन द्वारा आयोजित वात्सल्य भोज श्रद्धालुओं के लिए सेवा और समर्पण का जीवंत उदाहरण बना। इस दौरान भक्तों ने भोजन को न केवल स्वादिष्ट बल्कि आत्मीयता से परिपूर्ण बताया। साथ ही सभी भव्य आयोजन की प्रशंसा की। भंडारे में सभी के लिए विशेष जैन सात्विक भोजन की व्यवस्था की गई थी। जिसे हजारों लोगों ने प्रेमपूर्वक ग्रहण किया।
सुदीप जैन ने कहा कि, ‘यह मेरे लिए सौभाग्य की बात है कि मुझे इस पुण्य कार्य में सहभागी बनने का अवसर मिला। श्रद्धालुओं की सेवा ही सच्ची भक्ति है।’ वहीं इस सेवा भाव से प्रेरित होकर कई अन्य भक्तों ने भी भविष्य में ऐसे आयोजनों में सहभागी बनने की इच्छा जताई। इस आयोजन ने यह सिद्ध कर दिया कि धर्म, भक्ति और सेवा जब एक साथ आते हैं, तो समाज में एक नई ऊर्जा का संचार होता है।













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