अखिल भारतीय दिगम्बर जैन महिला परिषद ‘उमंग’ ने दशलक्षण पर्व के अवसर पर इंदौर के प्रमुख जिनमंदिरों में दुपट्टा बॉक्स और संदेश पत्र रखकर समाजजनों को मर्यादित परिधान के साथ मंदिर में प्रवेश करने की प्रेरणा दी। यह अभियान श्रद्धा और संस्कृति को जोड़ने का अनूठा प्रयास है। पढ़िए रुचि चौवीश्या जैन की खास रिपोर्ट…
अखिल भारतीय दिगम्बर जैन महिला परिषद ‘उमंग’ ने दशलक्षण पर्व 28 अगस्त से शुरू होने के अवसर पर एक विशेष पहल की है। परिषद द्वारा इंदौर के विभिन्न जिनमंदिरों में दुपट्टा (चुन्नी) बॉक्स और संदेश पत्र रखे गए हैं। इसमें समाज के सभी आयुवर्ग के लोगों से अपील की गई है कि मंदिर में प्रवेश हमेशा मर्यादित व पारंपरिक परिधान के साथ किया जाए।
भारतीय संस्कृति में दुपट्टा केवल वस्त्र का हिस्सा नहीं बल्कि श्रद्धा और मर्यादा का प्रतीक है। मंदिर में प्रवेश करते समय सिर ढककर भगवान के प्रति आदर व्यक्त करना परंपरा का हिस्सा माना जाता है। परिषद की इस पहल से समाज में धर्म के प्रति आस्था और अनुशासन का भाव जागृत होगा।
मंदिरों में दुपट्टा बॉक्स व संदेश पत्र लगाए
परिषद की अध्यक्ष हेमलता गोधा, सचिव रिंकु अजमेरा, कोषाध्यक्ष दीपाली कासलीवाल और अन्य पदाधिकारियों ने इस अभियान को समाज के समक्ष प्रस्तुत किया। उद्घाटन अवसर पर गोयल नगर, उदयनगर, कनाड़िया, जावरा वाला, नरीमन सिटी, लीड्स एन्क्लेव, समवशरण, तिलकनगर, पचबालयति तिलकनगर, खातीवाला टैंक और अंजनी नगर मंदिरों में दुपट्टा बॉक्स व संदेश पत्र लगाए गए।
यह रहे उपस्थित
इस अवसर पर परिषद की केंद्रीय अध्यक्ष निर्मला जी, संभाग अध्यक्ष अनीता जी, वरिष्ठ पदाधिकारी पुष्पा कटारिया, इन्द्रा अजमेरा, रुचि चोविश्या, साधना अजमेरा, संगीता जैन, शशि जैन, सविता बज, बबीता भूच, मीना बिलाला और रीना गंगवाल उपस्थित रहीं। उमंग परिषद का यह अभियान आगे भी अन्य मंदिरों तक विस्तारित किया जाएगा।













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