साधर्मी बंधु अयोध्या, श्रावस्ती, बनारस आदि अनेकों तीर्थों की वंदना करते हुए श्री शिखरजी पहुंचे। आचार्य श्री ज्ञेयसागर जी महाराज के दर्शन कर पूज्यश्री के चरणों में श्रीफल अर्पित कर आशीर्वाद प्राप्त किया। गुरुदेव ने सभी को धर्मवृद्धि का मंगल आशीर्वाद प्रदान किया। मुरैना से पढ़िए, मनोज जैन नायक की यह खबर…
मुरैना। शाश्वत तीर्थ श्री सम्मेदशिखरजी की वंदनार्थ मुरैना अंबाह एवं आसपास के क्षेत्र से सैकड़ों की संख्या में जैन साधर्मी बंधु गए हुए थे। सभी साधर्मी बंधु अयोध्या, श्रावस्ती, बनारस आदि अनेकों तीर्थों की वंदना करते हुए श्री शिखरजी पहुंचे। श्री सम्मेदशिखर जी में सभी श्रावकों ने अत्यंत ही श्रद्धा एवं भक्ति के साथ शिखरजी पर्वत की वंदना करते हुए श्री पार्श्वनाथ भगवान के श्री चरणों में निर्वाण लाड़ू समर्पित किया।
उत्तर भारत के प्रथम दिगंबराचार्य शांतिसागर जी महाराज छाणी परंपरा के समाधिस्थ गुरुदेव श्री ज्ञानसागर महाराज के परम प्रभावक शिष्य सप्तम पट्टाचार्य श्री ज्ञेयसागर जी महाराज एवं मुनिश्री नियोग सागर जी महाराज का मंगल वर्षायोग श्री सम्मेदशिखर जी में आचार्य ज्ञानसागर सराक भवन में धर्म प्रभावना के साथ चल रहा है। सभी साधर्मी बंधुओं ने सराक भवन पहुंचकर आचार्य श्री ज्ञेयसागर जी महाराज के दर्शन कर पूज्यश्री के चरणों में श्रीफल अर्पित कर आशीर्वाद प्राप्त किया। गुरुदेव ने सभी को धर्मवृद्धि का मंगल आशीर्वाद प्रदान किया।













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