जैन समाज के 22 लोगों एक दल जैन धर्म के सातवें तीर्थंकर रविग्रह अरिष्ट निवारक देवाधिदेव 1008 पदमप्रभु भगवान (लालगोला में विराजमान) के दर्शनाथ पश्चिम बंगाल के आठ गांव की यात्रा को रवाना हुआ। पढ़िए राज कुमार अजमेरा की रिपोर्ट…
झुमरीतिलैया। जैन समाज के 22 लोगों एक दल जैन धर्म के सातवें तीर्थंकर रविग्रह अरिष्ट निवारक देवाधिदेव 1008 पदमप्रभु भगवान (लालगोला में विराजमान) के दर्शनाथ पश्चिम बंगाल के आठ गांव की यात्रा को रवाना हुआ। इस यात्रा के संघ नायक अनूप-पिंकी सेठी के नेतृत्व में 22 सदस्यीय टीम को समाज के महामंत्री ललित सेठी, मैत्री समूह के विशिष्ट सदस्य मनीष सेठी, नवीन सेठी, राज कुमार अजमेरा आदि पदाधिकारीयों ने माला-दुपट्टा पहनाकर बहुत बहुत शुभकामनाएं दीं और कहा कि इस यात्रा का उद्देश्य एक दूसरे शहर के लोगों से आपसी संबंध बनाना है।
सभी आठों गांव मुर्शिदाबाद में पड़ते हैं। वहां सभी गांवों में बहुत एकता है। समाज मे जो भी बड़े धार्मिक कार्यक्रम होतें हैं, वो एक साथ उस कार्यक्रम को सफल बनाते हैं। उसी एकता को देखकर सभी यात्री कुछ सीख लेंगे। इन दल का बहुत पुण्य है कि ये दर्शन को जा रहे हैं। जाने के पूर्व जैन बड़ा मंदिर में सुबोध-आशा गंगवाल के निर्देशन में महाशान्तिधारा अजय सेठी ने की। शाम को भव्य आरती की गई।
इस यात्रा में विशेष रूप से मैत्री समूह के वरिष्ठ सदस्य संदीप-अंजना सेठी, ललित-अंजू छाबडा, संजय-बबिता गंगवाल, अलका सेठी, अज्जू-सारिका बड़जात्या, धनबाद से मनोज-वंदना गंगवाल आदि शामिल हैं।













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