समाचार

आचार्य श्री वर्धमानसागर जी ने नव निर्मित प्रतिमाओं का किया परीक्षण : आचार्य श्री ने आवश्यक मार्गदर्शन देकर कार्य जल्द पूर्ण करने की प्रेरणा दी


 आचार्य श्री वर्धमान सागर जी 32 पिच्छी सहित अतिशय क्षेत्र श्री पदमपुरा विराजित हैं। गुरुवार को आचार्य श्री वर्धमानसागर जी ने संघ सहित 18 से 22 फरवरी तक होने वाले पंच कल्याणक में प्रतिष्ठित होने वाली प्रतिमाओं का निरीक्षण किया। पदमपुरा से पढ़िए, राजेश पंचोलिया की यह खबर…


पदमपुरा। आचार्य श्री वर्धमान सागर जी 32 पिच्छी सहित अतिशय क्षेत्र श्री पदमपुरा विराजित हैं। गुरुवार को आचार्य श्री वर्धमानसागर जी ने संघ सहित 18 से 22 फरवरी तक होने वाले पंच कल्याणक में प्रतिष्ठित होने वाली प्रतिमाओं का निरीक्षण किया। पदमपुरा मंदिर कमेटी के राजकुमार कोठारी और अन्य पदाधिकारी भी साथ में रहे। आचार्य श्री ने आवश्यक मार्गदर्शन और अन्य कार्य जल्द पूर्ण करने की प्रेरणा दी। इसके पूर्व बुधवार को आचार्य श्री वर्धमान सागर जी, आचार्य श्री प्रज्ञा सागर जी, आर्यिका स्वस्ति भूषण माताजी सानिध्य में मूलनायक भगवान श्री पद्मप्रभ की विशेष अष्ट द्रव्यों से, जिसमें 8 से अधिक जल, चंदन, अनेक अक्षत, अनेक प्रकार के पुष्प, अनेक प्रकार के मोदक नैवेद्य दीप, धूप, फल, सूखे मेवे अनाज अर्ध्य से भगवान के गुणों की विशेष पूजा की गई। पूजन विभिन्न सौभागशाली पुण्यार्जक परिवारों, आचार्य संघ के ब्रह्मचारी, ब्रह्मचारिणियों, चौका व्यवस्था के सहयोगी श्रावक-श्राविकाओं द्वारा समर्पित किए गए। पूजन के सभी अर्ध्य का मंत्रोच्चार आचार्य श्री वर्धमान सागर जी, आचार्य श्री प्रज्ञा सागर जी, मुनि श्री हितेंद्र सागर जी एवं और अन्य साधुओं ने किया।

कल्याणक भूमि में पूजन से कर्मों का क्षय होकर असीम पुण्य की प्राप्ति 

संभवतः प्रथम बार 108 से अधिक अष्ट द्रव्यों से पूजन हुई। सैकड़ों भक्तों ने पूजन कर धर्मलाभ लिया। इस अवसर पर आचार्य श्री वर्धमानसागर जी ने उपदेश में बताया कि देव शास्त्र और गुरुओं के सानिध्य में सिद्ध क्षेत्र, अतिशय क्षेत्र, कल्याणक भूमि में पूजन से कर्मों का क्षय होकर असीम पुण्य की प्राप्ति होती हैं। सुरेश सबलावत ने बताया कि बुधवार को आर्यिका श्री सरस्वती माताजी का संघ सहित आगमन हुआ। गुरुवार को आचार्य श्री प्रज्ञा सागर जी का अल्प प्रवास के बाद चाकसू की ओर संघ सहित मंगल विहार हुआ। आचार्य श्री वर्धमान सागर जी के आशीर्वाद से प्रतिदिन पुण्यशाली भक्तों द्वारा पंच कल्याणक में पात्र बनने की स्वीकृति दी जा रही है।

आप को यह कंटेंट कैसा लगा अपनी प्रतिक्रिया जरूर दे।
+1
0
+1
0
+1
0
Shree Phal News

About the author

Shree Phal News

Add Comment

Click here to post a comment

You cannot copy content of this page