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मुनिश्री योग सागरजी महाराज ससंघ की अगवानी में उमड़े श्रेष्ठीजन : श्री दिगंबर जैन त्रिकाल चौबीसी मंदिर में संतों ने दर्शन किए 


आचार्यश्री विद्या सागरजी के परम प्रभावी शिष्य आचार्यश्री समय सागरजी के आज्ञानुवर्ती शिष्य मुनिश्री योग सागरजी महाराज ससंघ मय पाँच मुनिराज, पांच ऐलक महाराज एवं दो क्षुल्लक महाराज का मंगल प्रवेश रविवार को हुआ। कोटा से पढ़िए, अभिषेक जैन लुहाड़िया की यह खबर…


कोटा। आचार्यश्री विद्या सागरजी के परम प्रभावी शिष्य आचार्यश्री समय सागरजी के आज्ञानुवर्ती शिष्य मुनिश्री योग सागरजी महाराज ससंघ मय पाँच मुनिराज, पांच ऐलक महाराज एवं दो क्षुल्लक महाराज का मंगल प्रवेश रविवार को हुआ। सकल दिगंबर जैन समाज समिति के अध्यक्ष प्रकाश बज़ ने बताया कि प्रातः 8 बजे आरोग्य नगर स्थित जैन जन उपयोगी भवन से शोभायात्रा प्रारंभ हुई, जो एलआईसी बिल्डिंग, अहिंसा सर्किल होते हुए आरके पुरम स्थित श्री दिगंबर जैन त्रिकाल चौबीसी मंदिर पहुंची।

कार्याध्यक्ष मनोज जैन आदिनाथ ने बताया कि शोभायात्रा को भव्यता प्रदान करने के लिए घोड़े, बग्घी, ढोल, बैंड, हाड़ौती का परंपरागत कच्ची घोड़ी नृत्य, ध्वज पताका लिए हुए बालक-बालिका, महिला मंडल, युवा मंडल, दिव्य घोष आदि मुनि संघ के साथ चल रहे थे। पुरुषों ने सफेद वस्त्र धारण किए एवं महिला मंडल केसरिया वस्त्र की साड़ियों में नजर आईं।

आरके पुरम पहुंचे संत

सकल दिगंबर जैन समाज समिति के महामंत्री पदम बड़ला ने बताया कि मुनि संघ ने मंदिर के दर्शन किए। उसके बाद मंच पर विराजमान होने के बाद तलवंडी के सांवला परिवार ने मुनिश्री योग सागरजी महाराज के पाद प्रक्षालन किए। चित्र अनावरण मनोज नेहा जैसवाल ने किया। सभी संतों के हाथ में जिनवाणी भेंट की। हजारों श्रद्धालुओं की उपस्थिति में संघ के प्रवचन हुए। जिसमें प्रकाश बज़, राजमल पाटोदी, पदम बडला, मनोज जैसवाल, संजय निर्माण, महेंद्र देलुंदा, जितेंद्र हरसोरा, राजू गोधा आदि उपस्थित रहे।

महावीर नगर विस्तार में प्रवचन एवं आहार

संतों के कोटा प्रवास के दौरान सोमवार को प्रातःसाढ़े 8 बजे महावीर नगर विस्तार के लिए विहार हुआ। जहां प्रवचन और आहार चर्या हुई। दोपहर 2 बजे वहां से दादाबाड़ी स्थित नसिया मंदिर के लिए विहार होगा। मंगलवार को संतों की आहार चर्या नसिया में होगी।

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