इंदौर के श्री 1008 पार्श्वनाथ मंदिर नवग्रह जिनालय में नरेंद्र एवं शकुंतला वेद की 50वीं वैवाहिक वर्षगांठ पर कल्याण मंदिर विधान और पुस्तक विमोचन हुआ। मुनिश्री पूज्यसागर जी महाराज का सानिध्य आयोजन की गरिमा बढ़ाता रहा। श्रीफल साथी, इंदौर ब्यूरो
इंदौर । इंदौर स्थित श्री 1008 पार्श्वनाथ मंदिर नवग्रह जिनालय में रविवार को धर्म, श्रद्धा और भावनाओं से भरा विशेष आयोजन देखने को मिला। मौका था नरेंद्र वेद एवं शकुंतला वेद की 50वीं वैवाहिक वर्षगांठ का, जिसे पूरे भक्तिभाव और गरिमा के साथ मनाया गया।

संगीतमय कल्याण मंदिर विधान
इस पावन अवसर पर कल्याण मंदिर विधान का भव्य एवं संगीतमय आयोजन किया गया। अंतर्मुखी मुनि श्री पूज्यसागर जी महाराज के पावन सानिध्य में विधानाचार्य पंडित नितेश जैन के निर्देशन में विधि-विधान से विधान संपन्न हुआ। बड़ी संख्या में श्रावक-श्राविकाएं उपस्थित रहीं और वातावरण पूरी तरह आध्यात्मिक बना रहा।

पुस्तक का विधिवत विमोचन
आयोजन का विशेष आकर्षण रहा पुस्तक विमोचन। श्रीफल जैन न्यूज़ की संपादिका रेखा संजय जैन (rekha jain) द्वारा तैयार की गई पुस्तक का विमोचन गुरुदेव के मार्गदर्शन में संपन्न हुआ। पुस्तक में नरेंद्र–शकुंतला वेद के जीवन संघर्ष, उपलब्धियां और धर्म क्षेत्र में उनके योगदान को भावनात्मक रूप से प्रस्तुत किया गया है।

मुनिश्री का प्रेरक संदेश
प्रवचन के दौरान पूज्यसागर जी महाराज ने नरेंद्र–शकुंतला वेद के जीवन संघर्षों का उल्लेख करते हुए देव, शास्त्र और गुरु के प्रति उनकी अटूट आस्था की सराहना की। उन्होंने कहा कि जब परिवार, समाज और धर्म साथ-साथ चलते हैं, तब जीवन स्वयं एक प्रेरणा बन जाता है।

परिवार और समाज की सहभागिता
इस आयोजन में परिवारजनों, समाजजनों और श्रद्धालुओं की सक्रिय सहभागिता रही। सभी ने इस स्वर्णिम दाम्पत्य जीवन को संयम, समर्पण और साधना का प्रतीक बताया।














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