अनेक त्यागियों की नगरी में इंदौर से विहार पुसेगांब महाराष्ट्र के लिए विहाररत आचार्य श्री विराग सागर जी महाराज के शिष्य आचार्य श्री विभव सागर जी महाराज ससंघ नगर में विराजमान होकर धर्म की प्रभावना कर रहे हैं। सनावद से पढ़िए, सन्मति जैन की यह खबर…
सनावद। अनेक त्यागियों की नगरी में इंदौर से विहार पुसेगांब महाराष्ट्र के लिए विहाररत आचार्य श्री विराग सागर जी महाराज के शिष्य आचार्य श्री विभव सागर जी महाराज ससंघ नगर में विराजमान होकर धर्म की प्रभावना कर रहे हैं। सन्मति जैन काका ने बताया कि आचार्य श्री विभव सागर इंदौर से पुसेगांव महाराष्ट्र में होने वाले भव्य पंचकल्याणक के लिए विहाररत हैं। इसी कड़ी में आचार्यश्री सनावद नगरी में अल्प प्रवास कर जैन धर्म की प्रभावना में सहायक बने हैं। आचार्यश्री विभवसागर जी के सानिध्य में प्रातःकाल की बेला में सोमवार को श्री पार्श्वनाथ दिगंबर जैन बड़ा मंदिर में पंचामृत अभिषेक शांतिधारा हुई। वहीं आचार्य शांति सागर वर्धमान देशना निलय में आचार्य श्री ने अमृतमयी वाणी का रसपान करवाते हुए कहा कि सनावद की धरती एक महान तीर्थ है। जिस धरती पर राष्ट्र गौरव आचार्य वर्धमान सागर जी महाराज सहित 18 त्यागी जन्म लेकर दीक्षा को प्राप्त हुए हैं। यहां आना एक तीर्थ की वंदना के समान है। आचार्यश्री ने बाह्य विज्ञान एवं जैन विज्ञान का उल्लेख करते हुए बताया कि जैन विज्ञान का प्रयोग स्वयं पर होता है एवं लौकिक विज्ञान का प्रयोग पहले वैज्ञानिक अन्य जीवांे पर करते हैं लेकिन, जैन विज्ञान का प्रयोग हमारे भगवान महावीर स्वामी ने स्वयं पर किया। नगर में पूर्व से विराजमान मुनि श्री अक्षयसागर जी महाराज ने कहा कि स्व और पर पदार्थ को ज्ञान करने के लिए सम्यक ज्ञान को सूर्य की उपमा दी है और जिसके जीवन में ये प्रकाश शील हो जाता है वह व्यक्ति हर कार्य सरलता से कर देता है। इसलिए हमारा जीवन का लक्ष्य सम्यक ज्ञान होना चाहिए लेकिन, हम देखते है। समाज में स्वाध्याय की इतनी कमी है कि व्यक्ति को आत्मबोध का पता ही नहीं चलता। इस अवसर पर आचार्य श्री विभव सागर जी महाराज को आहारदान देने का सौभाग्य अविनाशकुमार जैन परिवार को प्राप्त हुआ।
आचार्य विभव सागर का हुआ मंगल विहार
जैसा कि नगर में पिछले 2 दिन से धर्म की प्रभावना कर रहे आचार्य श्री विभव सागरजी ससंघ का मंगल विहार खंडवा की ओर हुआ। आप महाराष्ट के पूसे गांव की ओर अग्रसर हैं। विदित है कि आचार्य श्री अपने विशाल संघ के साथ वर्ष 2022 में नगर में ग्रीष्मकालीन वाचना कर चुके है। इस अवसर ओर सभी समाजजन उपस्थित थे।













Add Comment