सिरौजा सागर में बुंदेलखंड के इतिहास में प्रथम बार वृहद स्तर पर 16 से 21 नवंबर तक आयोजित गणाचार्य श्री विराग सागर जी के पट्टाचार्य श्री विशुद्ध सागर जी महाराज 28 पिच्छी ससंघ के मंगल सानिध्य में पंचकल्याणक प्रतिष्ठा महा महोत्सव के चौथे दिन तप कल्याण महोत्सव मनाया गया। सागर से पढ़िए, मनोज जैन की यह खबर…
सागर। सिरौजा सागर में बुंदेलखंड के इतिहास में प्रथम बार वृहद स्तर पर 16 से 21 नवंबर तक आयोजित गणाचार्य श्री विराग सागर जी के पट्टाचार्य श्री विशुद्ध सागर जी महाराज 28 पिच्छी ससंघ के मंगल सानिध्य में पंचकल्याणक प्रतिष्ठा महा महोत्सव के चौथे दिन तप कल्याण महोत्सव मनाया गया। प्रातः कालीन बेला में मंगल प्रभात गीत, शांति मंत्र, आराधना, दैनिक अभिषेक, शांतिधारा पूजन, हवन संपन्न हुए।
दोपहर 1 बजे से महाराजा विश्व सेन का दरबार, विवाह संस्कार, राज्याभिषेक, राजतिलक, 32 हजार राजाओं द्वारा भेंट समर्पण, 14 रत्न, 9 निधियां का वैभव शाली दर्शन, दिग्विजय यात्रा पश्चात जन्मोत्सव का आयोजन जाति स्मरण से वैराग्योत्यत्ति, दीक्षाभिषेक, दीक्षा पालकी में विराजमान होकर वन की ओर प्रस्थान के अनुपम मनोहर भाव विभोर कर देने वाले दृश्यों से उपस्थित हजारों की भारी संख्या में श्रद्धालुजन धर्म की गंगा में डुबकी लगाते देखे गए।
कर्तव्य का पालन करोगे तो सुकून होगा
आचार्य श्री विशुद्ध सागर जी ने कहा कि तप के बिना सिद्धि नहीं होती। तप ही सिद्धि का साधन है। सुखी होने का उपाय-सुखी होना है, तो कर्तापन छोड़ो। भूमिका अनुसार अपने कर्तव्यों का पालन करो। कर्तावादी बनोगे तो कष्ट होगा। कर्तव्य का पालन करोगे तो सुकून होगा। सुखी वही रह सकता है, जो जगत की चिंता से दूर रहता है। अनुशासन प्रिय बनो, धैर्यवान बनो, कषाय से बचो , क्षमाशील बनो, परोपकारी बनो, अंतर्मुखी बनो। धन की चिंता छोड़ो, धर्म धारण करो। इस अवसर पर संपूर्ण भारतवर्ष के कोने-कोने से अनेक प्रांतो से बड़ी संख्या में धर्मावलंबी उपस्थित थे।
महोत्सव के प्रमुख यजमान यह रहे
संतोष जैन घड़ी ने देश भर से पधार रहे आगंतुक अतिथियों का हार्दिक अभिनंदन करते हुए स्वागत किया। वहीं यज्ञ नायक धर्णेन्द जैन कलेक्टर उमरिया, सीमा जैन, सुनील जैन पूर्व विधायक, श्रेयांश जैन कार्यकारी अध्यक्ष, प्रेमचंद बरेठी, संतोष सिंघई बड़ा मलहर, मुकेश जैन हीरापुर सहित भारी संख्या में भक्तगण उपस्थित रहे।













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