समाचार

6 नवंबर को होगा विधान का समापन : विश्व शांति महायज्ञ के साथ श्रीजी की निकलेगी भव्य पालकी शोभायात्रा


आठ दिवसीय श्री सिद्धचक्र महामंडल विधान का 1024 अर्घ्य समर्पित करने के साथ समापन होगा। विधान समापन के अवसर पर 6 नवंबर को प्रातः विश्व शांति एवं कल्याण के लिए महायज्ञ होगा एवं श्रीजी की भव्य पालकी शोभायात्रा निकाली जाएगी। मुरैना से पढ़िए, मनोज जैन नायक की यह खबर…


मुरैना। आठ दिवसीय श्री सिद्धचक्र महामंडल विधान का 1024 अर्घ्य समर्पित करने के साथ समापन होगा। विधान समापन के अवसर पर 6 नवंबर को प्रातः विश्व शांति एवं कल्याण के लिए महायज्ञ होगा एवं श्रीजी की भव्य पालकी शोभायात्रा निकाली जाएगी। प्रतिष्ठाचार्य पंडित महेंद्रकुमार शास्त्री (पूर्व प्राचार्य) ने सिद्धचक्र महामंडल विधान के अवसर पर बड़े जैन मंदिर में उपस्थित साधर्मी बंधुओं को संबोधित करते हुए कहा कि जैन दर्शन में सिद्धचक्र विधान को एक अत्यंत पवित्र, शक्तिशाली और आध्यात्मिक अनुष्ठान माना जाता है, जो श्सिद्धोंश् यानी कर्मों से मुक्त होकर मोक्ष प्राप्त करने वाली आत्माओं की आराधना के लिए किया जाता है। इस विधान का उद्देश्य मिथ्यात्व को दूर कर आत्मा को शुद्ध करना, सिद्ध दशा प्राप्त करने के लिए साधना करना और अपने जीवन के ज्ञात-अज्ञात पापों का प्रायश्चित करना है। यह अनुष्ठान अनेक मंत्रों और बीजाक्षरों से युक्त होता है और इसे अत्यंत शुभ और सर्वसिद्धिदायी माना जाता है। इस अनुष्ठान को विधि विधान, श्रद्धा भक्ति के साथ करने से जीवन भर किए गए पापों का क्षय हो जाता है और आत्मा को शुद्धि की ओर ले जाता है और आध्यात्मिक शांति प्रदान करता है।

बुधवार को 1024 अर्घ्य समर्पित होंगे

विधानाचार्य पंडित चक्रेश शास्त्री ने बताया कि पूर्वाचार्यों के आशीर्वाद से आठ दिवसीय इस पवित्र अनुष्ठान का शुभारंभ 29 अक्टूबर को हुआ था। विधान के सातवें दिन मंगलवार को 512 अर्घ्य समर्पित किए गए। बुधवार 5 नवंबर को विधान के अंतिम दिन सिद्धों की भक्ति करते हुए 1024 अर्घ्य समर्पित किए जाएंगे।

6 नवंबर को महायज्ञ के बाद निकलेगी भव्य पालकी शोभायात्रा

गुरुवार 6 नवंबर को प्रातः विश्व शांति की कामना के साथ महायज्ञ का आयोजन होगा। जिसमें सभी लोग सर्व जगत के कल्याण एवं शांति की कामना के साथ सुगंधित धूप एवं अन्य पवित्र वस्तुओं की हवन कुंड में आहुति देंगे। प्रातः 9.30 बजे श्री जिनेंद्र प्रभुजी की प्रतिमा को पालकी में विराजमान कर भव्य शोभायात्रा निकाली जाएगी। गाजेबाजे के साथ भव्य पालकी यात्रा नगर के मुख्य मार्गाे से होती हुई बड़े जैन मंदिर पहुंचेगी। बड़े जैन मंदिर जी में श्री जिनेन्द्र प्रभु को पाण्डुक शिला पर विराजमान कर स्वर्ण कलशों से अभिषेक किए जाएंगे। शाम को महाआरती, शास्त्र सभा के पश्चात सम्मान समारोह के साथ आठ दिवसीय सिद्ध परमेष्ठि विधान का समापन होगा।

विद्वतवर्ग ने कराई अनुष्ठान की क्रियाएं

आठ दिवसीय श्री सिद्धचक्र महामंडल विधान की समस्त क्रियाएं प्रतिष्ठाचार्य पंडित महेन्द्रकुमार शास्त्री के निर्देशन में विधानाचार्य पंडित चक्रेश शास्त्री, नवनीत शास्त्री, संदीप शास्त्री, अभिषेक शास्त्री ने विधिविधान पूर्वक मंत्रोच्चारण के साथ सम्पन्न कराईं। भजन गायक एवं संगीतकार सौरभ जैन एण्ड पार्टी मुरैना ने भक्तिमय भजनों पर विशेष प्रस्तुति दी। विधान के आयोजन में पंकज जैन मेडिकल का विशेष सहयोग रहा।

आप को यह कंटेंट कैसा लगा अपनी प्रतिक्रिया जरूर दे।
+1
4
+1
0
+1
0
Shreephal Jain News

About the author

Shreephal Jain News

Add Comment

Click here to post a comment

You cannot copy content of this page