दिगंबर जैन प्रागैतिहासिक अतिशय क्षेत्र के निदेशक ब्रह्मचारी जयकुमार निशांत ने टीकमगढ़ कलेक्टर विवेक श्रोत्रिय को वंदना के लिए आमंत्रित किया। इस अवसर पर निवाड़ी डिप्टी कलेक्टर विनीता के साथ नरेंद्र जैन बैंक, ज्ञानचंद जैन (ज्ञान मेडिको) ने नवागढ़ साहित्य कलेक्टर को भेंट किया। मुरैना / नवागढ़ से पढ़िए, मनोज जैन नायक की यह खबर…
मुरैना/नवागढ़। दिगंबर जैन प्रागैतिहासिक अतिशय क्षेत्र के निदेशक ब्रह्मचारी जयकुमार निशांत ने टीकमगढ़ कलेक्टर विवेक श्रोत्रिय को वंदना के लिए आमंत्रित किया। इस अवसर पर निवाड़ी डिप्टी कलेक्टर विनीता के साथ नरेंद्र जैन बैंक, ज्ञानचंद जैन (ज्ञान मेडिको) ने नवागढ़ साहित्य कलेक्टर को भेंट किया। श्रोत्रिय ने नवागढ़ विरासत, नवागढ़ अभिलेख एवं इतिहास, थीसिस डॉक्टर अर्पित रंजन दिल्ली, यशोबर्मन गोलचार्य के साथ नवागढ़ एवं गुरुकुलम विवरणिका का अवलोकन कर आश्चर्य व्यक्त किया। आपने नवागढ़ में संग्रहित विरासत के चित्रों का दिग्दर्शन किया। ब्रह्मचारी निशांत भैया ने नवागढ़ उद्भव एवं अन्वेषण के साथ वहां के अतिशय तथा प्राचीनता के बारे में अवगत कराया। 5 किमी विस्तार वाले नवागढ़ के विध्वंस का कारण चंदेल शासक परमाल आल्हा ऊदल एवं पृथ्वीराज चौहान का युद्ध बना। बुंदेलखंड का संस्कृत उन्नयन चंदेल शासन काल में विशेष रूप से हुआ। देवगढ़, खजुराहो, महोबा, अहार, पपौरा, बानपुर, नवागढ़, सेरोंन, सोनागिर प्रमुख जैन तीर्थ हैं जहां सांस्कृतिक विरासत का भंडार है।
कलेक्टर श्रोत्रिय ने नवागढ़ की विशेष गुफाओं, शैल चित्रों एवं प्राचीन इतिहास को लेकर निशांत भैया से कहा आपके जैन क्षेत्र के बीच तालमेल कैसा है? क्या वह एक दूसरे संबंध नहीं है? भैया जी ने बताया कि सभी की स्वतंत्रता समितियां हैं पर सांस्कृतिक धार्मिक रूप से सभी एक दूसरे के सहयोगी हैं। कलेक्टर ने कहा कि इन क्षेत्र को यदि पर्यटक स्थलों से जोड़ा जाए तो इनका विकास शीघ्रता से होगा। तब भैया जी ने कहा खजुराहो से भीमकुंड, अहार, पपौरा, नवागढ़, उमरी, ललितपुर, देवगढ़, बानपुर, कुंडेश्वर, टीकमगढ़, ओरछा, झांसी को जोड़ा जा सकता है।
नवागढ़ आगमन का आमंत्रण
ब्रह्मचारी निशांत भैया के साथ विनीता ने कलेक्टर को नवागढ़ आने का अनुरोध किया। तब आपने उत्सुकता एवं हर्षित भाव से आमंत्रण स्वीकार करते हुए कहा कि अरनाथ स्वामी का आशीर्वाद तथा लाखों वर्ष प्राचीन धरोहर के दर्शन करने अवश्य आऊंगा।
नवागढ़ में जो अन्वेषण हुआ है अभी वहां और संभावनाएं हैं। भारतीय पुरातत्व विभाग को चाहिए। यहां का विशेष रूप से गंभीरता पूर्वक अन्वेषण करने का कार्य संपादित हो। सभी के प्रति आभार व्यक्त करते हुए कहा कि आप लोगों ने ऐसे प्राचीन सांस्कृतिक ऐतिहासिक विरासत वाले क्षेत्र को संरक्षित कर भारतीय संस्कृति का बहुमान एवं गौरव बढ़ाया है। मैं अवश्य आऊंगा।













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