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लोकोदय तीर्थक्षेत्र भूमि पूजन में उमड़ा आस्था का सागर, गुरु भक्ति से भावविभोर हुआ आगरा : मुनिश्री बोले — लोकोदय बनेगा विश्व की आस्था का केंद्र, गुरुदेव की कृपा से धरती धन्य


आगरा के लोकोदय तीर्थभूमि पर भव्य भूमि पूजन और शिलान्यास समारोह गुरुदेव मुनिश्री सौम्य सागर जी के मंगल सान्निध्य में आस्था और उत्साह के साथ सम्पन्न हुआ, जिसमें देशभर से भक्ति उमड़ी। पढ़िए शुभम जैन की रिपोर्ट…


आगरा। रेपुरा जाट, रुनकता स्थित लोकोदय महातीर्थ की पावन धरा पर 26 अक्टूबर को श्री दिगम्बर जैन लोकोदय तीर्थक्षेत्र ट्रस्ट द्वारा भव्य भूमि पूजन एवं शिलान्यास समारोह बड़े धूमधाम और आध्यात्मिक उल्लास के वातावरण में सम्पन्न हुआ। मुनिश्री सौम्य सागर जी महाराज एवं मुनिश्री निश्चल सागर जी महाराज ससंघ के मंगल सान्निध्य में प्रातः रुनकता जैन मंदिर से जिनबिम्ब वंदना के साथ मुनिसंघ का मंगल प्रवेश हुआ, जिससे सम्पूर्ण क्षेत्र जयकारों और मंगल ध्वनियों से गुंजायमान हो उठा।

कार्यक्रम का आरंभ ध्वजारोहण, मंगलाचरण और दीप प्रज्वलन के साथ हुआ। इस तीर्थभूमि पर आचार्यश्री विद्यासागर जी महाराज एवं आचार्यश्री समयसागर जी महाराज का पावन आशीर्वाद पूर्व में प्राप्त हो चुका है। मुनिश्री सौम्य सागर जी ने मंगल उद्बोधन में कहा कि — “सोचा न था गुरुदेव की रहमत इतनी बरसेगी कि पूरी दुनिया लोकोदय को देखने को तरसेगी, यह तीर्थ विश्व की आस्था का महान केंद्र बनेगा।”

सामूहिक “जय जिनेन्द्र” उद्घोष के साथ तीर्थभूमि का वंदन

सांस्कृतिक प्रस्तुति में जैन भजनों, नृत्य-नाटिकाओं और बाल-जैन समूह गीतों ने भक्तिपूर्ण वातवरण निर्मित किया। दर्शनार्थियों ने सामूहिक “जय जिनेन्द्र” उद्घोष के साथ तीर्थभूमि का वंदन किया। प्रतिष्ठाचार्य बाल ब्रह्मचारी प्रदीप भैया सुयश वालों के निर्देशन में सौभाग्यशाली भक्तों ने रक्षा प्राचीर हेतु शिलाएं स्थापित कर विधिवत भूमि पूजन एवं शिलान्यास किया। इस महाआयोजन में आगरा, ग्वालियर, दिल्ली, मथुरा सहित अनेक नगरों से जैन समाज की भावपूर्ण उपस्थिति रही। सभी पदाधिकारियों ने मुनिसंघ के सामने श्रीफल भेंट कर आशीर्वाद प्राप्त किया। लोकोदय तीर्थ निर्माण की यह दिव्य शुरुआत जैन समाज के लिए भावनात्मक और ऐतिहासिक क्षण बना।

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