आचार्य निर्भय सागर महाराज के शिष्य मुनिश्री मेघदंत सागर, मुनिश्री गुरुदत्त सागर महाराज का महरौनी चातुर्मास के उपरांत मंगल विहार धर्मनगरी ललितपुर के लिए चल रहा है। उनका प्रातःकाल मंगल प्रवेश ग्राम मिर्चवारा में हुआ। ललितपुर से पढ़िए, यह खबर…
ललितपुर। आचार्य निर्भय सागर महाराज के शिष्य मुनिश्री मेघदंत सागर, मुनिश्री गुरुदत्त सागर महाराज का महरौनी चातुर्मास के उपरांत मंगल विहार धर्मनगरी ललितपुर के लिए चल रहा है। उनका प्रातःकाल मंगल प्रवेश ग्राम मिर्चवारा में हुआ। बताते चलें मिर्चवारा स्थित पूर्व माध्यमिक विद्यालय में मुनि संघ का प्रवेश हुआ। विद्यालय के मुख्य द्वार पर विद्यालय की शिक्षिकाओं एवं बालिकाओं ने रंगोली बनाकर मुनिसंघ का स्वागत किया। विद्यालय परिवार द्वारा मुनिसंघ की विद्यालय परिसर में अगुवानी की गई।इस दौरान मुनिश्री मेघदंत सागर महाराज ने विद्यालय के बच्चों को शाकाहार अपनाने का संदेश दिया।उन्होंने कहा कि शाकाहारी जीवन शैली अपनाकर हम अपने जीवन को सफल बना सकते हैं।शाकाहार सर्वोत्तम आहार है।मुनिश्री गरुदत्त सागर महाराज ने बच्चों को संदेश देते हुए कहा गुरु और जन्मदाता माता-पिता का सम्मान हमेशा करना चाहिए।
गुरु ही सच्चे मार्गदर्शक होते हैं। हम गुरू के बताये हुए मार्ग पर चलकर जीवन के उच्च शिखर पर पहुंच सकते हैं।इस दौरान मुनिसंघ ने विद्यालय परिवार एवं विद्यालय के छात्र-छात्राओं को मंगल आर्शीर्वाद दिया।इस दौरान प्रधानाध्यापक मनोज जैन,इंचार्ज प्रधानाध्यापक इंद्रपाल सिंह,सहायक अध्यापिका प्रतिभा राठौर,शिक्षामित्र विनीता जैन,रसोइया, ग्रामवासी के अलावा जैन समाज महरौनी के श्रावकगण मौजूद रहे।













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