सनावद में चातुर्मासरत युगल मुनिराज के पावन सान्निध्य में भगवान महावीर स्वामी का 2552वाँ मोक्ष कल्याणक 21 अक्टूबर को भव्य श्रद्धा से मनाया जाएगा। विभिन्न जिनालयों और तीर्थों में प्रातःकाल निर्वाण लाडू अर्पण होंगे। पढ़िए पूरी रिपोर्ट…
सनावद। नगर में चातुर्मासरत युगल मुनिराज मुनि श्री विश्वसूर्य सागर जी महाराज तथा मुनि श्री साध्य सागर जी महाराज के मंगल सान्निध्य में भगवान महावीर स्वामी का 2552वाँ मोक्ष कल्याणक 21 अक्टूबर को धूमधाम एवं आध्यात्मिक भावनाओं के साथ मनाया जाएगा। हिन्दू समाज दीपावली पर्व मनाता है, वहीं जैन समाज इसी दिन भगवान महावीर स्वामी का निर्वाण दिवस मनाता है।
सन्मति काका ने बताया कि महावीर स्वामी ने कार्तिक अमावस्या के अंतिम प्रहर में मोक्ष प्राप्त किया था, और उसी काल में गौतम गणधर को केवल ज्ञान की प्राप्ति हुई थी। इसी परंपरा अनुसार जैन समाज 21 अक्टूबर को प्रातःकाल निर्वाण लाडू अर्पित करेगा।
कार्यक्रम के अनुसार प्रातः 5:30 बजे श्रीजी का अभिषेक एवं शांतिधारा, उसके पश्चात प्रातः 6:30 बजे पार्श्वनाथ जिनालय (बड़ा मंदिरजी) में निर्वाण लाडू अर्पण होगा। सुपार्श्वनाथ मंदिर में 6:45 बजे तथा आदिनाथ जिनालय (छोटे मंदिरजी) में 7:00 बजे लाडू चढ़ाया जाएगा। साथ ही श्रीमंदर जिनालय एवं महावीर जिनालय में भी विधिपूर्वक लाडू अर्पण होगा।
इसी क्रम में सनावद के समीप पोदनपुरम तीर्थ पर प्रातः 8:00 बजे एवं णमोकार धाम तीर्थ पर प्रातः 8:30 बजे निर्वाण लाडू चढ़ाया जाएगा।
समस्त समाजजनों से निवेदन किया गया है कि समय पर उपस्थित होकर धर्मलाभ अवश्य ग्रहण करें।













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