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राष्ट्र गौरव डॉ. इंदु जैन ने किया महावीराष्टक स्तोत्र का पाठ : उपराष्ट्रपति, प्रधानमंत्री ने गांधी जी को किया नमन 


राष्ट्रपिता महात्मा गांधी की 156वीं जन्म जयंती पर गांधी स्मृति एवं दर्शन समिति तीस जनवरी मार्ग नई दिल्ली में सर्वधर्म प्रार्थना एवं भक्ति संगीत का आयोजन किया गया। अंतरराष्ट्रीय अहिंसा दिवस पर अहिंसा का संदेश पूरे विश्व में गूँजा। नईदिल्ली से पढ़िए, यह खबर…


नईदिल्ली। राष्ट्रपिता महात्मा गांधी की 156वीं जन्म जयंती पर गांधी स्मृति एवं दर्शन समिति तीस जनवरी मार्ग नई दिल्ली में सर्वधर्म प्रार्थना एवं भक्ति संगीत का आयोजन किया गया। अंतरराष्ट्रीय अहिंसा दिवस पर अहिंसा का संदेश पूरे विश्व में गूँजा। गांधी जयंती पर आयोजित समारोह में भारत के उपराष्ट्रपति सीपी राधाकृष्णन, प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी एवं अनेक गणमान्य अतिथियों ने बापू को भावभीनी श्रद्धांजलि अर्पित की। राष्ट्रपिता महात्मा गांधी के जन्मदिन को विश्व अहिंसा दिवस घोषित किया था। संयुक्त राष्ट्र संघ के महासचिव एन्टोनियो गुटेरेस ने संदेश पढ़कर सुनाया। देश के प्रसिद्ध भजन गायक पद्मश्री अनूप जलोटा ने गांधी जी के प्रिय भजन सुनाकर वातावरण भक्तिमय कर दिया। विभिन्न विद्यालयों के बच्चों के गीत की प्रस्तुति ने भी मन मोह लिया।

सर्वधर्म प्रार्थना में एक हुए सभी के स्वर 

सर्वधर्म प्रार्थना के अंतर्गत जैन, बौद्ध, ईसाई, पारसी, बहाई, यहूदी,मुस्लिम,सिक्ख, हिन्दु सभी धर्म के प्रतिनिधियों ने बापू को नमन करते हुए विश्व शांति की भावना से प्रार्थनाएं कीं। जैन धर्म का प्रतिनिधित्व करते हुए डॉ. इंदु जैन राष्ट्र गौरव ने तीर्थंकर महावीर के पंच अणुव्रत के सिद्धांतों को बताते हुए सभी के कल्याण की भावना से महावीराष्टक स्तोत्र का सस्वर पाठ किया। प्रार्थना के अंत में डॉ. इन्दु ने ‘ॐ ह्रीं नमः सबको क्षमा-सबसे क्षमा’ कहकर अपनी वाणी को विराम दिया। संचालन जैनेन्द्र महोदय ने किया। दूरदर्शन एवं विभिन्न चैनल्स के माध्यम से यह कार्यक्रम लाखों लोगों तक पहुंचा।

सभी का किया अभिवादन 

गांधी स्मृति दर्शन समिति के उपाध्यक्ष विजय गोयल ने सभी धर्म के प्रतिनिधियों का अभिवादन किया। उपराष्ट्रपति, प्रधानमंत्री का अभिवादन डॉ. इन्दु जैन ने णमो जिणाणं-जय जिनेन्द्र-उत्तम क्षमा-मिच्छामि दुक्कडम कहा तो उन्होंने भी प्रसन्न मुद्रा में सहज भावों से मिच्छामि दुक्कडम् कहकर आत्मीय अभिव्यक्ति दी। इस संवाद का एक चित्र भी पीएमओ के आधिकारिक चित्र संग्रह से सांझा किया। ज्ञातव्य है कि डॉ. इन्दु जैन राष्ट्रीय-अंतरराष्ट्रीय रूप में जैन धर्म की प्रतिनिधि हैं और वर्तमान में राष्ट्रीय अल्पसंख्यक आयोग में विशेषज्ञ सलाहकार सदस्य हैं।

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