पहली बार दलाल बाग एरोड्रम रोड पर सोमवार को सभी संप्रदायों के आचार्य साधु भगवंतों की उपस्थिति में सभी दिगंबर, श्वेताम्बर, तेरापंथ, ओसवाल सभी संप्रदाय के जैनों को एक करने की बात हुई। आयोजन में आचार्य विश्वरत्न सागर सूरीश्वर महराज, श्री राजेश मुनि महाराज, श्री कीर्ति रत्न विजय महाराज एवं दिगंबर जैन आचार्य श्री विप्रणत सागर जी, मुनि श्री अध्ययन रत्न सागर, मुनि श्री शुद्धात्म सागर जी महाराज ने अपने-अपने विचारों में सभी जैनियों को एक होने की बात कही। इंदौर से पढ़िए, यह खबर…
इंदौर। पहली बार दलाल बाग एरोड्रम रोड पर सोमवार को सभी संप्रदायों के आचार्य साधु भगवंतों की उपस्थिति में सभी दिगंबर, श्वेताम्बर, तेरापंथ, ओसवाल सभी संप्रदाय के जैनों को एक करने की बात हुई। आयोजन में आचार्य विश्वरत्न सागर सूरीश्वर महराज, श्री राजेश मुनि महाराज, श्री कीर्ति रत्न विजय महाराज एवं दिगंबर जैन आचार्य श्री विप्रणत सागर जी, मुनि श्री अध्ययन रत्न सागर, मुनि श्री शुद्धात्म सागर जी महाराज ने अपने-अपने विचारों में सभी जैनियों को एक होने की बात कही।
सभी संतों ने एक स्वर में कहा कि आप सभी अपनी-अपनी मान्यताओं और परंपराओं का निर्वहन अपने-अपने हिसाब से करें परन्तु, जब समाज की बात हो तो अपने आप को जैन कहने की आदत डालना होगी। राजेश जैन दद्दू ने बताया कि आयोजन के प्रमुख सूत्रधार अशोक मेहता ने कहा कि आज के दौर में जैन एकता बहुत महत्वपूर्ण है और यह कहावत हमें नहीं भूलना चाहिए। बटोगे तो कटोगे, एक रहोगे तो नेक रहोगे। जैन समाज का प्रभाव प्रभुत्व और प्रतिनिधित्व तभी बढ़ेगा, जब हम सब एकजुट होकर रहेंगे। इसीलिए आज हमने अंगदान करने वाले भारतीय सैनिक अवार्ड प्राप्त और साइंटिस्ट पत्रकार गोल्ड मेडलिस्ट लेखक ऐसे सभी प्रतिभाओं का सम्मान किया, जो समग्र जैन समाज से हैं।
अलग-अलग विधाओं के जैन परिवार के लोगों का हुआ सम्मान
जैन सितारे अवार्ड के संस्थापक अशोक मेहता, कांतिलाल बम काफी वर्षों से सभी जैन समुदाय को एक करने में लगे हैं। आप दोनों के प्रयास एवं भगवंतसिंह नागोरी, राजीव भांडावत, प्रदीप बम्बोरी के सहयोग से जैन सितारे अवार्ड का आयोजन किया गया। आयोजन में जैन परिवार के 65 प्रतिभावान व्यक्तित्व देश के सेनानी, अंगदान करने वाले, पत्रकार, वरिष्ठ डॉक्टर एवं अलग-अलग विधाओं में जैन परिवार का नाम रोशन करने वालों का जैन सितारे अवार्ड से सम्मानित किया गया।
समारोह में विशेष अतिथि के रूप में कृष्णमुरारी मोघे उपस्थित थे। मोघे ने भी जैन समाज को एकजुट और संगठित होने की बात कही। इस अवसर पर समाज के वरिष्ठ जन डॉ. जैनेन्द्र जैन, कैलाश वेद, निर्मल कासलीवाल, इंदर सेठी, प्रदीप बड़जात्या, मंयक जैन, मनोज बाकलीवाल एवं अनामिका बाकलीवाल, साधना मदाभत, विजया जैन आदि समाज जन उपस्थित हुए। आभार जयेश कोठारी ने माना।













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