इंदौर सुदामानगर में आचार्य श्री विशद सागर जी ससंघ के सान्निध्य में भक्तिामर बीजाक्षर महा आराधना का आयोजन हुआ। पाटनी परिवार के सौजन्य से 2688 दीपकों से यह महाआराधना सम्पन्न हुई। चातुर्मास में मुनि श्री विशाल सागर जी एकांतर तप साधना कर रहे हैं। पढ़िए अजय पंचोलिया की खास रिपोर्ट…
सुदामा नगर में पर्यूषण महापर्व का शुभारम्भ भगवान आदिनाथ स्वामी की भक्ति के साथ किया गया। आचार्य श्री विशद सागर जी ससंघ के चातुर्मास के अवसर पर अनेक धार्मिक अनुष्ठान प्रभावना पूर्वक सम्पन्न हो रहे हैं।
यहां मूलनायक भगवान आदिनाथ की भक्ति के साथ आचार्य श्री द्वारा रचित भक्तिामर दीपक आराधना और विधान हुआ। पाटनी परिवार द्वारा 2688 दीपकों से विशेष आराधना की गई, जिसने पूरे वातावरण को भक्ति रस से सराबोर कर दिया। इसी बीच संघस्थ पूज्य मुनि श्री विशाल सागर जी चातुर्मास के दौरान कठोर तप की साधना कर रहे हैं। वे एकांतर उपवास रखते हुए, उपवास के अगले दिन केवल मुनक्का, बादाम, किसमिस पानी और मट्ठा ग्रहण करते हैं और फिर धर्मोपदेश देकर सभी को कल्याण के मार्ग पर प्रेरित कर रहे हैं। यह महाआराधना इंदौर सुदामानगर जैन समाज के लिए अध्यात्म और भक्ति का अद्वितीय अवसर बना।













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