झुमरी तिलैया जैन समाज में दसलक्षण महापर्व 28 अगस्त से आरंभ हुआ। इस महापर्व में संयम, तप और भक्ति का वातावरण रहेगा। प्रतिदिन मंदिरों में अभिषेक, शांतिधारा, तत्वार्थ सूत्र वाचन और सांस्कृतिक कार्यक्रम होंगे। पढ़िए राज कुमार अजमेरा और नवीन जैन की ख़ास रिपोर्ट…
झुमरी तिलैया जैन समाज में गुरुवार से दसलक्षण महापर्व की शुरुआत हो गई। इस महापर्व का शुभारंभ 1008 भगवान आदिनाथ की प्रतिमा पर कलशाभिषेक और शांतिधारा से हुआ। पूजा-अर्चना के पश्चात पंडित अभिषेक शास्त्री ने श्रद्धा और संयम के महत्व पर प्रकाश डाला। भाद्रपद शुक्ल पंचमी से लेकर चतुर्दशी तक चलने वाला यह दस दिवसीय पर्व इस बार परम पूज्य मुनि श्री 108 प्रणम्य सागर जी महाराज के आशीर्वाद और उनकी शिष्या निर्मला दीदी के निर्देशन में आयोजित होगा।
संयम और त्याग अपनाने की अपील
समाज के पदाधिकारियों नरेंद्र झाझंरी, राज छाबड़ा और सुरेंद्र काला ने सभी श्रद्धालुओं से संयम और त्याग अपनाकर इस पर्व को उत्साहपूर्वक मनाने की अपील की।पर्व के दौरान प्रतिदिन मंदिरों में अभिषेक, शांतिधारा, विशेष पूजन विधान, दस धर्मों का विवेचन निर्मला दीदी द्वारा, दिन में तत्वार्थ सूत्र का वाचन और शाम को भव्य आरती व सांस्कृतिक कार्यक्रम होंगे। यह पर्व आत्मशुद्धि, त्याग और भक्ति का संदेश समाज में फैलाएगा।













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