ललितपुर में आचार्य श्री निर्भयसागर महाराज ससंघ के सानिध्य में पर्यूषण महापर्व का शुभारम्भ हुआ। नगर के जैन मंदिरों में श्रावक-श्राविकाओं ने सामूहिक पूजन, ध्यान-साधना और प्रभु अभिषेक में भाग लिया। आचार्य श्री ने क्षमा और संयम को जीवन में उतारने का संदेश दिया। पढ़िए पूरी रिपोर्ट…
ललितपुर। जैन धर्मावलम्बियों के महापर्व पर्यूषण का शुभारम्भ नगर में वैज्ञानिक संत आचार्य श्री निर्भयसागर महाराज के ससंघ सानिध्य में अपूर्व प्रभावना के साथ हुआ।
प्रातःकालीन धर्मसभा में आचार्य श्री ने क्षमा और संयम के महत्व को बताते हुए कहा कि क्रोध को जीतकर ही क्षमा को समझा जा सकता है। क्षमा का अभ्यास आत्मा को शुद्ध करता है और जीवन को धर्ममार्ग पर ले जाता है। नगर के जैन अटामंदिर में प्रातःकाल से ही ध्यान-साधना का प्रशिक्षण दिया गया। इसके उपरांत सामूहिक प्रभु अभिषेक, शान्तिधारा एवं पूजन आयोजित हुआ। तत्वार्थ सूत्र का वाचन और आचार्य श्री के प्रवचन में बड़ी संख्या में श्रावक-श्राविकाओं ने भाग लिया।
आचार्य श्री के सानिध्य में मुनि शिवदत्त सागर, मुनि सुदत्तसागर, मुनि भूदत्त सागर, मुनि पद्मदत्त सागर, मुनि बृषभदत्त सागर, क्षुल्लक चन्द्रसागर तथा क्षुल्लक श्रीदत्त सागर महाराज भी विराजमान हैं। नगर के अभिनंदनौदय तीर्थ, आदिनाथ मंदिर गांधीनगर, चन्द्रप्रभु मंदिर डोढ़ाघाट, शान्तिनगर जैन मंदिर, इलाइट जैन मंदिर, पारसनाथ कालौनी एवं ज्ञानोदय तीर्थ सहित अनेक जैन मंदिरों में पर्यूषण पर्व की आराधना प्रारम्भ हुई। दिगम्बर जैन पंचायत समिति द्वारा व्यवस्थाओं की देखरेख की जा रही है। श्रद्धालु त्याग, संयम और आत्मशुद्धि की साधना में लीन होकर प्रभु आराधना कर रहे हैं।













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