समाचार

नेमिनाथ मंदिर खैरवाड़ा में भकतामर विधान के 31 दिन पूर्ण, रक्षाबंधन के दिन हुआ विशेष आयोजन : आर्यिका सुप्रज्ञमति माताजी ससंघ के सान्निध्य में श्रेयांसनाथ भगवान की पूजा, निर्वाण लड्डू चढ़ाए गए


खैरवाड़ा स्थित श्री 1008 चमत्कारीक रिद्धि सिद्धि दायक नेमिनाथ मंदिर में रक्षाबंधन के दिन भकतामर विधान के 31 दिन पूर्ण हुए। आर्यिका 105 सुप्रज्ञमति माताजी ससंघ के सान्निध्य में श्रेयांसनाथ भगवान की पूजा, निर्वाण लड्डू अर्पण और विशेष शांति विधान सम्पन्न हुए। पढ़िए पूरी रिपोर्ट…


श्री सदर बाजार स्थित नेमिनाथ मंदिर खैरवाड़ा में रक्षाबंधन के दिन भकतामर विधान के 31 दिन पूर्ण हुए। इस अवसर पर आर्यिका 105 सुप्रज्ञमति माताजी ससंघ की पावन उपस्थिति रही। कार्यक्रम का आयोजन दिगम्बर दशा हुमड़ समाज खैरवाड़ा द्वारा किया गया, जिसमें अध्यक्ष विरेन्द्र वखारिया, मंत्री पंकज शाह, उपाध्यक्ष विपिन वखारिया, चातुर्मास कमेटी अध्यक्ष नरेन्द्र पंचोली, मंत्री कुलदीप शाह और कोषाध्यक्ष हेवन फड़िया ने जानकारी दी।

इस दिन सोधर्म इन्द्र महेश मोतीलाल शाह रहे। इसके बाद श्रेयांसनाथ भगवान की पूजा की गई और निर्वाण कांड पढ़कर निर्वाण लड्डू अर्पण किया गया। धवल पुत्र अभय शाह के स्वास्थ्य लाभ हेतु 24 दिवसीय वृहद शान्तिधारा माताजी ससंघ के मुखारविंद से चलाई जा रही है। रक्षाबंधन के दिन पंचामृत अभिषेक और शान्तिधारा का सौभाग्य श्रवण पंचोली परिवार तथा मुलनायक नेमिनाथ भगवान पर शान्तिधारा करने का सौभाग्य शान्तिलाल पंचोली परिवार को प्राप्त हुआ।

निर्वाण लड्डू का सौभाग्य रानु को मिला 

श्रेयांसनाथ भगवान को निर्वाण लड्डू अर्पण करने का सौभाग्य रानु (USA निवासी) को प्राप्त हुआ। कार्यक्रम में आर्यिका सुप्रज्ञमति माताजी का प्रवचन, तत्पश्चात आर्यिका संघ की आहार चर्या हुई। आहार चर्या का सौभाग्य विरेन्द्र वखारिया, अनघमति माताजी और क्षुलिका समभावमति माताजी की आहार चर्या का सौभाग्य रमण वखारिया को मिला। अभय शाह के स्वास्थ्य लाभ हेतु चल रहे 16 दिवसीय शांति विधान की पूर्णाहुति भी इस दिन हुई। इस उपलक्ष में मंगला धवल की पुस्तकें मंदिर और आर्यिका संघ को भेंट की गईं। आगामी 27 अगस्त को भकतामर विधान के 48 दिन पूर्ण होने पर विशेष पूर्णाहुति होगी, जिसमें एक सोधर्म इन्द्र और 47 इन्द्रों को सौभाग्य प्राप्त होगा। इसके अतिरिक्त 18 से 28 सितम्बर 2025 तक खैरवाड़ा में आचार्य सुनीलसागर जी और आर्यिका सुप्रज्ञमति माताजी ससंघ के आशीर्वाद से कल्पद्रुम महामंडल विधान का आयोजन होगा, जो उदयपुर, बांसवाड़ा और डूंगरपुर जिलों में पहली बार हो रहा है। यह पूरे जैन समाज के लिए गौरव का अवसर है।

आप को यह कंटेंट कैसा लगा अपनी प्रतिक्रिया जरूर दे।
+1
2
+1
0
+1
0
Shreephal Jain News

Tags

About the author

Shreephal Jain News

Add Comment

Click here to post a comment

You cannot copy content of this page