समाचार

मन जितना शांत होगा, निर्णय उतने ही मजबूत होंगे: मुनिश्री प्रवचन के माध्यम से धर्म प्रभावना फैला रहे 


पट्टाचार्य विशुद्ध सागर महाराज जी ससंघ का चातुर्मास पथरिया में चल रहा है। आचार्यश्री के शिष्य मुनिश्री सर्वार्थ सागरजी पथरिया में अपने प्रवचन के माध्यम से धर्म प्रभावना फैला रहे हैं। उन्होंने शुक्रवार को मन को नियंत्रित करने के लिए संदेश दिए। पथरिया से पढ़िए, अभिषेक अशोक पाटील की यह खबर…


पथरिया। पट्टाचार्य विशुद्ध सागर महाराज जी ससंघ का चातुर्मास पथरिया में चल रहा है। आचार्यश्री के शिष्य मुनिश्री सर्वार्थ सागरजी पथरिया में अपने प्रवचन के माध्यम से धर्म प्रभावना फैला रहे हैं। उन्होंने शुक्रवार को मन को नियंत्रित करने के लिए संदेश दिए। प्रवचन में उन्होंने कहा कि मन की शांति और निर्णय महत्वपूर्ण है। मन जितना शांत होगा, निर्णय उतने ही मजबूत होंगे। हम सभी जीवन में हर रोज़ निर्णय लेते हैं। छोटे भी और बड़े भी। कभी परिवार से जुड़े, कभी काम से, और कभी खुद के जीवन के रास्ते तय करने वाले निर्णय लेकिन, क्या आपने गौर किया है? जब हमारा मन अशांत होता है।

चिंता से भरा, क्रोध में या डर में, तब हम जो निर्णय लेते हैं, वे अक्सर हमें पछतावे की ओर ले जाते हैं। अब सोचिए कृ एक झील तब तक साफ़ नहीं दिखती जब तक उसका पानी स्थिर न हो। वैसे ही हमारा मन भी है। जब तक मन शांत नहीं होता, हम चीज़ों को स्पष्ट रूप से नहीं देख पाते। और जब हम स्पष्ट नहीं देख पाते, तो सही निर्णय कैसे लेंगे? शांति कोई कमजोरी नहीं है, यह तो सबसे बड़ी शक्ति है।

आप को यह कंटेंट कैसा लगा अपनी प्रतिक्रिया जरूर दे।
+1
0
+1
0
+1
0
Shreephal Jain News

You cannot copy content of this page