भगवान विमलनाथ के मोक्ष कल्याणक के उपलक्ष्य में गुरुवार को 1008 आदिनाथ मंदिर, भगवान महावीर समवाशरण, सुखोदय तीर्थ नसिया जी में भगवान विमलनाथ का निर्वाण लाडू बड़े भक्ति भाव से चढ़ाया गया। निर्वाण लाडू चढ़ाने का प्रथम सौभाग्य नानावटी विनोदचंद्र पन्नालाल को प्राप्त हुआ। नौगामा से पढ़िए,सुरेशचंद्र गांधी की यह खबर…
नौगामा। भगवान विमलनाथ के मोक्ष कल्याणक के उपलक्ष्य में गुरुवार को 1008 आदिनाथ मंदिर, भगवान महावीर समवाशरण, सुखोदय तीर्थ नसिया जी में भगवान विमलनाथ का निर्वाण लाडू बड़े भक्ति भाव से चढ़ाया गया। निर्वाण लाडू चढ़ाने का प्रथम सौभाग्य नानावटी विनोदचंद्र पन्नालाल को प्राप्त हुआ। इस अवसर पर महिला मंडल ने बड़े भक्ति भाव से भगवान विमलनाथ की पूजा की। नगर में विराजमान श्रुतनंद जी महाराज का मंगल विहार ईडर नगर गुजरात में चातुर्मास के लिए जोलना नगर की ओर हुआ। मुनिश्री ने अपने प्रवचन में कहा कि हमें मनुष्य भव बड़ी मुश्किल से मिला है। हमने पूर्व जन्म में कुछ अच्छे कर्म किए होंगे उसी के कारण हमें मनुष्य जन्म मिला है। हमें अच्छे पुण्य कर्म करने हैं। जिससे हमें आगे भी अच्छा भव प्राप्त हो।
पंचम काल के बाद छठे काल में धर्म का अभाव होगा। मनुष्य की उम्र मात्र 15 से 16 वर्ष की होगी। छठे काल में बल, आयु, ऐश्वर्य, सहनान कम होते जाएंगे। हिंसा आदि का प्रभाव ज्यादा रहेगा। इसलिए हम अपना जीवन इस प्रकार व्यतीत करें कि हमें छठे भाव में जन्म लेना ही नहीं पड़े और हम मोक्ष मार्ग की ओर आगे बढ़ते जाएं। महाराज श्री ने कहा कि इस नगर के 52 डेरी जिनालय यह बताते हैं कि नोगामा नगरी पूर्व में धर्मप्रिय नगरी होगी। उन धर्म प्रेमी बंधुओ ने यह विशालकाय जिनालय बनाया है, साथ ही महाराज श्री ने सुखोदय तीर्थ में निर्माणाधीन भगवान मुनिसुव्रतनाथ जनालय शीघ्र बनकर तैयार हो जाए, ऐसा आशीर्वाद प्रदान किया। संचालन भरत पंचोरी और रमेशचंद्र गांधी ने किया।













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