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क्षपक चितानंद जी का समाधि मरण: संल्लेखना के 8 वें दिन हुआ उत्तम समाधि मरण 


जैन साधक क्षपक चितानंद जी (ब्र. राजेंद्र जैन दनगसिया) अजमेर की संल्लेखना के बाद समाधि मरण हो गया। आचार्यश्री समय सागर महाराज के ससंघ सान्निध्य में गुरुवार दोपहर 3.45 बजे पूर्ण चेतना के साथ नमोकार मंत्र सुनते हुए उत्कृष्ट समाधि मरण को प्राप्त हुए। मुरैना से पढ़िए, मनोज जैन नायक की यह खबर…


मुरैना/जबलपुर। जैन साधक क्षपक चितानंद जी (ब्र. राजेंद्र जैन दनगसिया) अजमेर की संल्लेखना आचार्य श्री समयसागर महाराज के ससंघ सान्निध्य एवं निर्देशन में चल रही थी। क्षपक चितानंद जी संल्लेखना समाधि के 8 वें दिन जबलपुर में विराजमान आचार्यश्री समय सागर महाराज के ससंघ सान्निध्य में गुरुवार दोपहर 3.45 बजे पूर्ण चेतना के साथ नमोकार मंत्र सुनते हुए उत्कृष्ट समाधि मरण को प्राप्त हुए। आचार्य श्री समयसागरजी महाराज, मुनिश्री संभव सागरजी महाराज एवं समस्त मुनिसंघ ने निरन्तर संबोधन दिया। ब्रह्मचारीजी ने पूर्ण चेतना के साथ मजबूती के साथ मोक्ष पथ की ओर गमन किया। अखिल भारतीय जैसवाल जैन सेवा न्यास के मीडिया प्रभारी मनोज जैन बताया कि श्रद्धेय ब्र. चिदानन्दजी (पूर्व नाम ब्र. राजेन्द्र कुमारजी दनगसिया) ने 1987 में ब्रह्मचर्य व्रत लिया था। आपने आचार्यश्री विद्यासागर महाराज से 1999 में 7 प्रतिमा का व्रत और 2013 में 10 प्रतिमा का व्रत लिया था।

2011 से शाम के जल का त्याग एवं शक्कर का आजीवन त्याग किया एवं 2013 से नमक का भी त्याग कर दिया। साधक ब्रह्मचारी राजेंद्र जैन ने अपने जीवन के अंतिम समय में संयम के मार्ग को स्वीकार करते हुए संल्लेखना व्रत ग्रहण किया। आचार्यश्री 108 विद्यासागर महाराज के आराधक रहे राजेंद्र जैन दनगसिया ने 45 वर्ष की अल्पायु में गुरुदेव से ब्रह्मचर्य व्रत लेकर संयम के साथ अपना जीवन निर्वहन कर रहे थे। श्री दिगम्बर जैसवाल जैन समाज अजमेर के श्रावक श्रेष्ठी ब्रह्मचारी राजेंद्र जैन ने अपना अंतिम समय जानकर जबलपुर में विराजमान आचार्यश्री समयसागर जी महाराज को श्रीफल भेंट कर संल्लेखना का निवेदन किया था। गुरुदेव ने राजेंद्र जैन की भावना को देखते हुए दस प्रतिमाओं के व्रत देकर क्षपक चिंतानंद जी नामकरण किया था। राजेंद्र जी जैन का पूरा परिवार, पुत्र अजय जैन दनगसिया, विजय जैन, पुत्र वधु साधना जैन एवं सविता जैन ब्रम्हचारी चिदानन्दजी अजमेर की पूर्णभाव से वैयावृति में लीन रहे थे।

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Shreephal Jain News

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