नगर के श्री शांतिनाथ दिगम्बर जैन सोनियाजी के मंदिर में जैन आगम की वर्तमान चौबीसी के 16वें तीर्थंकर भगवान शांतिनाथ का जन्म कल्याणक, तप कल्याणक तथा मोक्ष कल्याणक महोत्सव सकल दिगम्बर जैन समाज सागवाड़ा द्वारा प्रतिष्ठाचार्य पंडित विनोद पगारिया विरल के सानिध्य में 26 मई सोमवार को विविध आयोजन हुए। सागवाड़ा से पढ़िए, यह खबर…
सागवाड़ा। नगर के श्री शांतिनाथ दिगम्बर जैन सोनियाजी के मंदिर में जैन आगम की वर्तमान चौबीसी के 16वें तीर्थंकर भगवान शांतिनाथ का जन्म कल्याणक, तप कल्याणक तथा मोक्ष कल्याणक महोत्सव सकल दिगम्बर जैन समाज सागवाड़ा द्वारा प्रतिष्ठाचार्य पंडित विनोद पगारिया विरल के सानिध्य में 26 मई सोमवार को विविध आयोजन हुए। इस अवसर पर सोमवार को प्रातः मंगलाष्टक, भूमि शुद्धि के बाद सेठ महेश नोगमिया द्वारा शांतिनाथ भगवान की प्रतिमा को पाण्डूक शिला पर स्थापित कर जल अभिषेक किया गया।
साथ ही श्रद्धालुओं द्वारा मूलनायक श्री शांतिनाथ भगवान का विभिन्न द्रव्य पूरित कलशों से पंचामृत अभिषेक किया गया। मूलनायक भगवान की प्रतिमा पर प्रतिष्ठाचार्य विनोद पगारिया के मंत्रोच्चारण के साथ वैभव पवन कुमार गोवाडिया द्वारा तथा पाण्डूक शिला में विराजित प्रतिमा पर जपेश, निलेश पुत्र कनकमल शाह द्वारा विश्व शांति कामनार्थ शांति धारा की गयी।
नवदेवता पूजा की, 125 अष्ट द्रव्य श्रीफल युक्त अर्घ्य समर्पित किए
शांतिनाथ भगवान के मोक्ष कल्याणक अवसर पर डॉ. विपिन राजमल शाह द्वारा निर्वाण लाडू चढाया गया। प्रमोद संघवी द्वारा आरती उतारी गई। सकलीकरण, इन्द्र प्रतिष्ठा, मंडप प्रतिष्ठा, पंच मंगल कलश स्थापना, अखंड दीप प्रज्वलन के बाद नवदेवता पूजा के बाद श्री शांतिनाथ महामंडल विधान के तहत इंद्र इंद्राणी समूह द्वारा 125 अष्ट द्रव्य श्रीफल युक्त अर्घ्य समर्पित किए। महाअर्घ्य और शांतिपाठ विधि के साथ विधान हुआ। इस अवसर पर ट्रस्टी अश्विन बोबडा, दिनेश मेहता, प्रदीप दोसी, रमेश गांधी, प्रवीण सेठ चंद्रकांत शाह, लोकेश भरडा, प्रतीक, भाविक शाह, महेंद्र शाह, चन्द्रशेखर संघवी, नटवर लाल गलालिया, महावीर पालविया उपस्थित थे।
सिद्धी रेजीडेन्सी में निकाली शोभायात्रा
नगर के डूंगरपुर रोड स्थित सिद्धि रेजीडेंसी में सकल दिगम्बर जैन समाज द्वारा नवनिर्मित शांतिनाथ जिनालय में प्रथम बार भगवान का जन्म कल्याणक महोत्सव सोमवार को प्रातः धूमधाम से मनाया। मन्दिर व्यवस्था समिति अध्यक्ष गिरिश शाह ने बताया कि इस अवसर पर प्रातः मूलनायक शांतिनाथ भगवान का पंचामृत अभिषेक किया गया। प्रतिमा पर शांतिधारा विद्या देवी तथा कुलदीप जैन द्वारा की गई। इसके बाद मंदिर से शांतिनाथ भगवान की प्रतिमा को गंधकुटी पालकी मे विराजित कर बैंडबाजों के साथ शोभायात्रा निकाली गई। पुनः मंदिर पहुंचने पर भगवान की आरती उतारी गई। इस अवसर पर अनेक श्रद्धालुओं ने भाग लेकर पुण्यार्जन किया













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