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मुनि श्री विशल्य सागर जी के अवतरण दिवस पर सेवा कार्य: सकोरे और पौधों का किया रोपण 


शहर के श्री 1008 चंद्रप्रभु दिगंबर जैन मंदिर गौरी किनारा में गणाचार्य विराग सागर जी मुनिश्री विशल्य सागर जी महाराज के 48 वें अवतरण दिवस पर संगीतमय पूजन हुआ। 48 दीपों से महाआरती की गई। कॉलेज और स्कूल में पौधरोपण किया। 20 मई को बाल संस्कार शिक्षण शिविर लगाया जाएगा। भिंड से पढ़िए, यह खबर…


भिंड। शहर के श्री 1008 चंद्रप्रभु दिगंबर जैन मंदिर गौरी किनारा में गणाचार्य विराग सागर जी मुनिश्री विशल्य सागर जी महाराज के 48 वें अवतरण दिवस पर रविवार सुबह 7 बजे गुरुदेव का संगीतमय पूजन एवं 48 दीपों से महाआरती की गई। तीर्थंकर सेवा समिति के अध्यक्ष शैलू जैन एलआईसी ने बताया कि गुरुदेव के 48वें अवतरण दिवस पर जैन महाविद्यालय एवं विद्यालय में 48 पौधों का रोपण किया गया। 48 जीव पक्षियों के लिए सकोरे लगाए गए। विशेष 20 मई को विराग विशुद्ध विशल्य बाल संस्कार शिक्षण शिविर लगाया जाएगा। आगामी कार्यक्रम 12 मई को मध्यवर्ती विद्यालय में सकोरे लगाए जाएंगे। 13 मई को वृद्धा आश्रम में फल वितरण किया जाएगा। 14 मई को गाय को चारा खिलाया जाएगा।

गुरुदेव का जन्म 11 मई 1977 को बमीठा जिला छतरपुर में हुआ था। वर्तमान में गुरुदेव अतिशय क्षेत्र नवादा विहार में विराजमान हैं। कार्यक्रम आयोजक तीर्थंकर शासन सेवा समिति, चंद्रप्रभु युवा समिति, विराग विशुद्ध बहू मंडल किला गेट थे। कमलेश जैन, प्रभाष जैन अड़ोखर, मुकेश जैन बरेडी, प्रभाष जैन, राकेश जैन प्राचार्य, सोनल जैन पत्रकार, मुकेश जैन रपरिया, मनोज जैन, पवन, जीतू, मनीष, दीपू श्रेयांश, आलोक, मनीष, प्रीति जैन, ममता, रूबी, मोना, अर्चना, सीमा, अंजू, सोनी और गुरु भक्त परिवार ने शामिल होकर कार्यक्रम को सफल बनाया।

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Shreephal Jain News

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