दिल्ली से 23 मार्च से शुरू होकर विश्व जैन संगठन के संयोजन में 22वें जैन तीर्थंकर नेमिनाथ भगवान के मोक्ष कल्याणक के अवसर पर नेमि-गिरनार धर्म पदयात्रा का बुधवार को डबरा में प्रवेश हुआ। सेंट मेरी स्कूल से धर्म पदयात्रा का शुभारंभ हुआ। मुख्य बाजारों से होते हुए पदयात्रा श्री महावीर जैन मंदिर पहुंची। डबरा से पढ़िए यह खबर…
डबरा। दिल्ली से 23 मार्च से शुरू होकर विश्व जैन संगठन के संयोजन में 22वें जैन तीर्थंकर नेमिनाथ भगवान के मोक्ष कल्याणक के अवसर पर नेमि-गिरनार धर्म पदयात्रा का बुधवार को डबरा में भव्य मंगल प्रवेश हुआ। सेंट मेरी स्कूल से धर्म पदयात्रा का शुभारंभ हुआ। मुख्य बाजारों से होते हुए यह यात्रा श्री महावीर जैन मंदिर पहुंची। इसमें भगवान महावीर के अमर संदेश जियो और जीने दो, जीवों पर दया करो, चलो चलो गिरनार चलो और भगवान नेमीनाथ के जयकारे समाजजन लगा रहे थे। जैन मंदिर में पदयात्रा के पहुंचने पर अहिंसा रथ पर विराजमान श्री नेमिनाथ भगवान की प्रतिमा का अभिषेक, शांतिधारा और पूजन किया गया। इसके बाद मंदिर प्रांगण में धर्मसभा का आयोजन किया गया।
धर्मसभा को विश्व जैन संगठन के राष्ट्रीय अध्यक्ष और धर्म पदयात्रा का नेतृत्व कर रहे संजय जैन, पदयात्रा के कॉर्डिनेटर आंचल जैन, ललितपुर और मंदिर प्रबंधक समितियों और विभिन्न संस्थाओं के पदाधिकारियों और समाज के गणमान्यों ने संबोधित किया। धर्म सभा में नेमीनाथ भगवान के मोक्ष कल्याणक दिवस पर 2 जुलाई को नेमि मोक्ष स्थल गिरनार जी वंदना करने के लिए बस ले जाने प्रस्तावित किया गया। सभी ने धर्म पदयात्रा की अनुमोदना करते हुए पूर्ण सहयोग करने का आश्वासन दिया। सकल जैन समाज डबरा की महिलाएं, पुरुष और बच्चे पदयात्रा में शामिल हुए।
इन लोगों ने किया संजय जैन का सम्मान
धर्म ध्वज लेकर एक तरफ महिलाएं एक तरफ तो पुरुष धर्म ध्वज एक ओर चलते हुए नज़र आए। श्री महावीर दिगंबर जैन मंदिर समिति के अध्यक्ष राजेंद्र जैन, मंत्री विजय जैन, मनोज जैन, एकांत रितेश जैन, राजू जैन कपडे वाले, प्रेमचंद जैन एसबीआई, कोमलचंद चौधरी ने विश्व जैन संगठन के अध्यक्ष संजय जैन आंचल जैन का सम्मान श्रीफल एव शॉल से किया। ज़ैन मिलन स्वतंत्र डबरा ने गन्ने के रस का वितरण किया। अक्षय तृतीया पर्व पर एक-दूसरे को बधाइयां दी। दिगंबर जैन सोशल ग्रुप, जैन मिलन, जैन मिलन महिला डबरा, जैन मिलन आदर्श डबरा, बहुमंडल, चंद्र प्रभु महिला मंडल, सभी सहयोग संस्थाओं ने पदयात्रा में शामिल होकर धर्म लाभ लिया।













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