जैन समाज के सभी सोशल ग्रुपों की ओर से एक साथ एक तिथि में एक समय पर कैंडल मार्च निकाला जाएगा। 26 अप्रैल को रात 8 बजे इस कैंडल मार्च में शामिल होंगे। उल्लेखनीय है कि विगत 22 अप्रैल को दोपहर में आतंकवादियों ने बैसरन घाटी (पहलगाम) में 26 पर्यटकों की निर्ममता से हत्या कर दी। इस दुःखद घटना से पूरा देश शोकमग्न है। इंदौर से पढ़िए यह खबर…
इंदौर। जैन समाज के सभी सोशल ग्रुपों की ओर से एक साथ एक तिथि में एक समय पर कैंडल मार्च निकाला जाएगा। 26 अप्रैल को रात 8 बजे इस कैंडल मार्च में शामिल होंगे। उल्लेखनीय है कि विगत 22 अप्रैल को दोपहर में आतंकवादियों ने बैसरन घाटी (पहलगाम) में 26 पर्यटकों की निर्ममता से हत्या कर दी। इस दुःखद घटना से पूरा देश शोकमग्न है। फेडरेशन के मीडिया प्रभारी राजेश जैन दद्दू ने बताया कि इस विषय पर फेडरेशन के राष्ट्रीय पदाधिकारियों ने निर्णय लिया है कि इस नृशंस हत्याकांड में मारे गए व्यक्तियों की दिव्यात्माओं को श्रद्धांजलि प्रदान करते हुए उनकी आत्मा की शांति के लिए तथा उनके परिजनों के मन की शांति के लिए प्रार्थना करने के लिए फेडरेशन के सभी सोशल ग्रुप एवं रीजन ग्रुप 26 अप्रैल शनिवार को रात्रि ठीक 8 बजे से एक ही तिथि में-एक ही समय पर अपने-अपने गृह नगर में शांतिपूर्ण कैंडल मार्च निकालेंगे।
इस कैंडल मार्च के आयोजन के लिए दिशा-निर्देश
26 अप्रैल की रात्रि ठीक 8 बजे से देश के सभी ग्रुप अपने पुरुष-महिला सदस्यों को लेकर. एक समय पर एक साथ अपने-अपने शहर और कस्बे में मृतकों के प्रति श्रद्धांजलि अर्पित करने के लिए कैंडल मार्च रैली निकालें। रीजन के मुख्यालय वाले जो नगर हैं, वहां यह कैंडल मार्च रीजन के नेतृत्व में निकाला जाए। रीजन अपने नेतृत्व में सभी ग्रुपों को इकट्ठा करके यह कैंडल मार्च निकालें। फेडरेशन के राष्ट्रीय पदाधिकारी अपने-अपने रीजन मुख्यालय पर इस आयोजन के लिए रीजन अध्यक्ष को पूर्ण सहयोग प्रदान करें। जिस शहर में रीजन का मुख्यालय नहीं है, और जहां एक से अधिक ग्रुप हैं, वहां सभी ग्रुप आपस में एक राय बनाके, एकसाथ मिलकर..अपने शहर में सामूहिक कैंडल मार्च निकालें।
सामंजस्य स्थापित कराके यह कैंडल मार्च निकालें
ऐसे शहरों में फेडरेशन के जो भी राष्ट्रीय पदाधिकारी हैं। उनमें से वरिष्ठतम राष्ट्रीय पदाधिकारी सभी ग्रुपों में सामंजस्य स्थापित कराके यह कैंडल मार्च निकलवाना सुनिश्चित करें। जिस शहर और कस्बे में मात्र एक ही ग्रुप हैं। वहां वह अकेला एक ग्रुप ही यह कैंडल मार्च निकाले। यदि ग्रुप की सदस्य संख्या कम हो तो ग्रुप के पदाधिकारी जैन समाज के अन्य साधर्मी जनों को भी कैंडल मार्च में शामिल कर लें। पुष्पा प्रदीपकुमार सिंह जैन कासलीवाल शिरोमणि संरक्षक देवेंद्र विमला जैन कांसल, राष्ट्रीय अध्यक्ष विनय अनिता जैन, राष्ट्रीय महासचिव अश्विन रुचि जैन कासलीवाल, राष्ट्रीय कोषाध्यक्ष, दिगम्बर जैन सोशल ग्रुप फेडरेशन ने आग्रह किया कि ग्रुप में जो राष्ट्रीय पदाधिकारी हैं, वे इस आयोजन हेतु ग्रुप-अध्यक्ष को पूर्ण सहयोग प्रदान करें। कैंडल मार्च के लिए शहर के मुख्य मार्गों में से ही किसी मार्ग का निर्धारण ग्रुप और रीजन स्वयं कर लें।
कैंडल मार्च के लिए ड्रेस कोड भी निर्धारित
कैंडल मार्च में सम्मिलित होने के लिए ड्रेस कोड भी निर्धारित है। सभी पुरुष-सदस्य व्हाइट कलर के वस्त्र और महिला-सदस्य क्रीम कलर के वस्त्र पहनें। कैंडल मार्च बिना किसी नारेबाजी के मौन रहकर हाथों में जलती हुई मोमबत्तियां लेकर, अनुशासन पूर्वक कतार में चलते हुए निकाला जाए। इसके साथ ही श्रद्धांजलि संदेश और संवेदना संदेश वाली तख्तियां भी सदस्य हाथों में ले सकते हैं। जिस सार्वजनिक स्थल पर कैंडल मार्च का समापन हो, वहां एक संक्षिप्त श्रद्धांजलि सभा के माध्यम से एक-दो वक्ता अपने उद्बोधन से सामूहिक श्रद्धांजलि अर्पित करें। कैंडल मार्च रैली में सबसे आगे ग्रुप और रीजन के बैनर अवश्य रहें। रैली के अंतिम छोर पर भी एक बैनर अवश्य होना चाहिए, ताकि जो लोग रैली के प्रारंभ वाला बैनर न देख पाएं तो वह रैली के आखिरी छोर वाला बैनर देखकर यह जान सकें कि यह कैंडल मार्च किस संस्था के द्वारा निकाला जा रहा है। ग्रुप और रीजन द्वारा कैंडल मार्च रैली निकाले जाने की पूर्व सूचना स्थानीय पुलिस प्रशासन को लिखित रूप में अवश्य दी जाए। साथ ही समाचार पत्रों में इस कैंडल मार्च के समाचार भी अवश्य प्रकाशित कराए जाए। सभी रीजन अध्यक्षसे अनुरोध है कि वे अपने रीजन के समस्त ग्रुपों द्वारा यह कैंडल मार्च आयोजित किया जाना सुनिश्चित करें।













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