तीर्थंकर मुनि सुव्रतनाथ भगवान का जन्म एवं तप कल्याणक महोत्सव मनाया गया। चंद्रपुरी जिनालय में प्रातः श्रीजी का अभिषेक, सामूहिक रूप से शांतिधारा करने बाद अष्टद्रव्यों से पूजा अर्चना कर मुनि सुव्रतनाथ भगवान का जयकारों के साथ जन्म एवं तप कल्याणक महोत्सव का सामूहिक रूप से अर्घ्य चढ़ाया। फागी से पढ़िए यह खबर…
फागी। कस्बे सहित परिक्षेत्र के चकवाड़ा, चोरू, नारेड़ा, मंडावरी, मेहंदवास, निमेडा, लसाड़िया तथा लदाना सहित कस्बे के जिनालयों में बीसवें तीर्थंकर मुनि सुव्रतनाथ भगवान का जन्म एवं तप कल्याणक महोत्सव मनाया गया। जैन महासभा के प्रतिनिधि राजाबाबू गोधा ने बताया कि कस्बे के चंद्रपुरी जिनालय में प्रातः श्रीजी का अभिषेक, सामूहिक रूप से शांतिधारा करने बाद अष्टद्रव्यों से पूजा अर्चना कर मुनि सुव्रतनाथ भगवान का जयकारों के साथ जन्म एवं तप कल्याणक महोत्सव का सामूहिक रूप से अर्घ्य चढ़ाया। सुख समृद्धि एवं खुशहाली की कामना की गई। कार्यक्रम में समाज की मुन्नी अजमेरा एवं मैना झंडा ने बताया कि मुनि सुव्रतनाथ भगवान भगवान जैन धर्म के बीसवें तीर्थंकर हैं। इन्होंने चंपक वृक्ष के नीचे दीक्षा ग्रहण की थी। इनके साथ 1000 राजा दीक्षित हुए थे। मुनि सुव्रतनाथ भगवान ने तपस्वी बनने के लिए कठोर साधना की थी। एक दिन ध्यान में उन्हें अपने पिछले जन्म का दर्शन हुआ और उन्हें अपने जीवन का लक्ष्य और अस्तित्व का उद्देश्य समझ आया। अपना सब कुछ त्याग कर वैराग्य अपना लिया तथा चंपक वृक्ष के नीचे उन्हें सर्वज्ञता प्राप्त हुई।
कार्यक्रम में यह रहे मौजूद
कार्यक्रम में चंद्रपुरी समाज के संरक्षक चंपालाल जैन, मंदिर समिति के अध्यक्ष सत्येंद्रकुमार झंडा, सरावगी समाज के अध्यक्ष महावीर अजमेरा, सुरेश गंगवाल, बाबूलाल पहाड़िया, सुनील गंगवाल, अशोक नला, पवन गंगवाल, सुनील बजाज, विनोद नला, नरेंद्र झंडा, टिंकू झंडा ,राजाबाबू गोधा तथा महिला मंडल की गीता नला, संतरा बजाज, मुन्नी अजमेरा, मैंना झंडा, मैंना नला, बरखा गंगवाल, रेखा गंगवाल, रेखा बजाज ,रेखा झंडा,शोभा पहाड़िया, किरण पहाड़िया, गुड़िया पहाड़िया सहित सभी श्रावक श्राविकाएं मौजूद थे।













Add Comment