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महावीर विधान से पूर्व भगवान का अभिषेक और शांतिधारा की: अंतर्मुखी मुनि श्री पूज्य सागर जी महाराज के सानिध्य में हुआ विधान 


नगर में विराजित अंतर्मुखी मुनिश्री पूज्य सागर महाराज के सानिध्य में महावीर जन्मकल्याणक के एक दिन पूर्व कामना पूर्ण महावीर विधान हुआ विधान से पूर्व भगवान का अभिषेक और शांतिधारा की। भगवान महावीर के जन्म कल्याणक महोत्सव का शुभारंभ आचार्यं श्री शांति सागर वर्धमान देशना संत निलय में हुआ। सनावद से पढ़िए सन्मति जैन काका की यह खबर…


सनावद। नगर में विराजित अंतर्मुखी मुनि श्री पूज्य सागर महाराज के सानिध्य में महावीर जन्मकल्याणक के एक दिन पूर्व कामना पूर्ण महावीर विधान किया गया। विधान से पूर्व भगवान का अभिषेक और शांतिधारा की गई।

यह 2 दिवसीय भगवान महावीर स्वामी जन्म कल्याणक महोत्सव का शुभारंभ आचार्यं श्री शांति सागर वर्धमान देशना संत निलय में हुआ। जिसमें बुधवार को प्रातः विधान का आयोजन किया गया। इसमें 108 अर्घ्य के माध्यम से भगवान महावीर की आराधना की गई।

इसमें सौधर्म इंद्र बनने का अवसर श्रीकांत प्रीति जटाले परिवार को प्राप्त हुआ। प्रथम अभिषेक करने का लाभ नंदलाल जैनी परिवार को प्राप्त हुआ। शांतिधारा विशाल कुमार भाई, वैभव कुमार सराफ द्वारा की गई।

वहीं चतुर्थकोष कलश करने का सौभाग्य प्रशांत कुमार जैन, हर्षित कुमार जैन, सुनील कुमार जैन बड़वाह, सुविलकुमार जैन को प्राप्त हुआ। विधान में अंश जैन संगीतकार द्वारा भक्ति करवाई गई।

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Shreephal Jain News

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