सिद्धचक्र महामंडल विधान में चौथे दिन सिद्धों की आराधना की गई। मुनि श्री आज्ञासागरजी महाराज का पाद प्रक्षालन हुआ। समापन 10 दिसंबर को होगा। पढ़िए लोहारिया से यह खबर…
लोहारिया। सिद्धचक्र महामंडल विधान में चौथे दिन सिद्धों की आराधना की गई। मुनि श्री आज्ञासागरजी महाराज का पाद प्रक्षालन हुआ।लोहारिया के श्री पारसनाथ दिगम्बर जैन मंदिर के विमल भरत सभागार मे सकल दशा नरसिंहपुरा दिगंबर जैन समाज के संयोजन में मुनि आज्ञा सागरजी महाराज ससंघ के सानिध्य में पोपटलाल कोठारी परिवार की ओर से
प्रतिष्ठाचार्य पंडित विनोद पगारिया “विरल” सागवाड़ा के तत्वावधान में सात दिवसीय श्री सिद्धचक्र मंडल विधान के चौथे दिन शनिवार को सुबह मुनिश्री आज्ञा सागरजी, मुनिश्री समृद्ध सागरजी, आर्यिका श्री विदिक्षा श्री माताजी, आर्यिकाश्री सुप्रज्ञाश्री माताजी के सानिध्य में इंद्र-इंद्राणी समूह की ओर से जिनेंद्र भगवान का अभिषेक किया गया।
इन्होंने किया अभिषेक
मुनि श्री आज्ञा सागरजी के मंत्रोच्चारण के साथ आदिनाथ भगवान की प्रतिमा पर राकेश कोठारी तथा पारसनाथ भगवान की प्रतिमा पर अशोक मालवीया बांसवाड़ा द्वारा विश्व शांति कामनार्थ शांति धारा की गई तथा आचार्यश्री विमल सागर जी महाराज की प्रतिमा का अभिषेक धनपाल गनोडिया परिवार ने किया।
स्वाध्याय और सांस्कृतिक कार्यक्रम हुए
इस अवसर पर ही गुरुदेव का पाद प्रक्षालन किया गया। पूजा पीठिका,देव शास्त्र गुरु पूजा के बाद इंद्र इंद्राणी समूह की ओर से सिद्धचक्र महामंडल विधान की सातवीं पूजा के 512 अष्ट द्रव्य श्रीफल युक्त अर्घ्य विधान मंडल पर समर्पित किए गए। कार्यक्रम में आरती उतारी और मंडल की परिक्रमा की गई। रात्रि में शास्त्र स्वाध्याय आरती एवं सांस्कृतिक कार्यक्रम हुए।
मुनिश्री देवसागर का स्मृति दिवस मनाया जाएगा
7 दिवसीय विधान का समापन दिन 10 दिसंबर को प्रातः विश्व शांति महायज्ञ के साथ लोहारिया में जन्मे समाधिस्थ मुनिश्री देव सागरजी महाराज का 100 वां स्मृति दिवस मनाया जाएगा। इस अवसर पर लोहारिया जैन समाज के अध्यक्ष राजमल नायक समेत अनेक श्रद्धालु उपस्थित थे।













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