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निकाली गई विशाल शोभायात्रा : सर्वतो भद्र विधान के दूसरे दिन अर्घ्य चढ़ाए गए


परम पूज्य पवित्र मति माताजी के सानिध्य में आज आदिनाथ मंदिर और भगवान महावीर समवशरण जी में विशेष शांति धारा अभिषेक के बाद सर्वतो भद्र पंडाल में ब्रह्मचारी अनिल भैया और इंदौर के विधानाचार्य रमेश गांधी के निर्देशन में श्रीजी का अभिषेक शांति धारा के साथ किया गया। पढ़िए सुरेश चंद्र गांधी की रिपोर्ट…


नौगामा। परम पूज्य पवित्र मति माताजी के सानिध्य में आज आदिनाथ मंदिर और भगवान महावीर समवशरण जी में विशेष शांति धारा अभिषेक के बाद सर्वतो भद्र पंडाल में ब्रह्मचारी अनिल भैया और इंदौर के विधानाचार्य रमेश गांधी के निर्देशन में श्रीजी का अभिषेक शांति धारा के साथ किया गया। इस अभिषेक का प्रथम अवसर पिंडारमिया के प्रदीप कुमार, रतनलाल पंचौरी, धनपाल और वर्धमान हॉस्पिटल परिवार बांसवाड़ा को प्राप्त हुआ। अभिषेक के बाद विधान के अर्घ्य का आयोजन किया गया, जिसमें गीतकार राजेश के मधुर स्वर लहरों के साथ महिलाओं और पुरुषों ने गरबा नृत्य करते हुए अर्घ्य चढ़ाए।

इस अवसर पर माताजी का मंगल प्रवचन हुआ, जिसमें उन्होंने कहा कि सर्वतो भद्र विधान का अर्थ है – “सर्वत्र सुख और शांति का विस्तार। प्रत्येक जीव सुख और शांति चाहता है, और इसके लिए हमें धर्म की क्रिया करनी चाहिए।” इस विधान में बाहर से पधारे धर्म प्रेमी बंधुओं का श्री समाज और चातुर्मास कमेटी के अध्यक्ष निलेश जैन, उपाध्यक्ष राजेंद्र गांधी, नरेश जैन और प्रदीप जैन ने दुपट्टा उड़ा कर और पगड़ी पहनाकर स्वागत किया। साथ ही सौधर्म इंद्र कैलाश पिंडारमिया, भरत चक्रवर्ती, सुभाष नानावटी, संगीतकार राजेश जैन को भी सम्मानित किया गया। दोपहर में अष्टनिका महापर्व के अवसर पर, माता जी के सानिध्य में आदिनाथ मंदिर में नंदीश्वर विधान के अर्घ्य चढ़ाए गए।

आज शाम को महा आरती का आयोजन हुआ, जिसका सौभाग्य दोसी मनीष कुमार जयंतीलाल को प्राप्त हुआ। मनीष के घर से बैंड बाजे, घोड़ा बग्गी के साथ एक विशाल शोभायात्रा गरबा नृत्य करते हुए पंडाल पहुंची, जहां श्रीजी की महा आरती की गई। रात्रि में अनिल भैया के प्रवचन के बाद प्रश्न मंच और जैन पाठशाला के छात्रों द्वारा रंगारंग कार्यक्रम प्रस्तुत किए गए।

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