ऋषभदेव नगर के राजू भाई पेंटर ने इस बार गुरुकुल में विराजमान राष्ट्रीय संत आचार्य पुलक सागर जी गुरुदेव की केनवास पर पेंटिग बनाकर इतिहास रच दिया है। वह गुरुदेव की ऑयल पेंटिंग बनाने वाले नगर के पहले युवा भी बन गए हैं। चित्रकार राजू ने यह पेटिंग 15 दिनों में तैयार की है। पढ़िए सचिन गंगावत की खबर…
ऋशभदेव। हुनर, हौसले और लगन से हमेशा अद्भुत काम होते हैं। ऐसा ही ऐतिहासिक कार्य नगर के युवा चित्रकार राजू ने कर दिखाया है। अपनी तूलिका से राजू भाई ने गुरुकुल में विराजित पूज्य संत पुलक सागर जी महाराज का चित्र बनाया है। इसको पूर्ण करने में 15 दिन का समय लगा। चित्र देखकर गुरुकुल में आने वाले लोगों ने बताया कि अपनी चित्रकारी के लिए मशहूर राजू पेंटर ने अपनी कूची और रंगों से गुरुदेव की पेंटिंग तैयार कर गांव का नाम एक बार फिर रोशन किया है। पेंटिंग को दूर से देखने पर ऐसा प्रतीत होता है कि मानो स्वयं गुरुदेव बैठे हैं। ऋषभदेव के बर्तन व्यापारी एवं मीडिया के सचिन गंगावत ने राजू पेंटर को इसे बनाने के लिए प्रेरित किया था। अब ये पेंटिंग कागदर स्थित पुलक धाम की शोभा बढ़ाएगी।
फोटो से तैयार की पेंटिंग
चित्रकार राजू ने बताया कि गुरुदेव की पेंटिंग को बहुत बारीकी से बनाया है। करीब 15 दिन में यह पेंटिंग तैयार हुई है। इसके लिए गुरुदेव के संगस्थ मनीष भाई से असली फोटो प्राप्त किया, उसके बाद प्रतिकृति बनाई गई ।
पेंटिंग बनाने से पहले घबराए, सचिन बने प्रेरणास्रोत
राजू ने बताया कि वह पेंटिंग शुरू करने से पहले थोड़ा घबरा रहे थे कि एक राष्ट्रीय संत की प्रतिकृति कैसे बनाई जाए, लेकिन उनके बचपन के मित्र सचिन गंगावत उनके लिए प्रेरणास्रोत बने। सचिन ने बताया कि ज्ञानगंगा महोत्सव में आचार्य श्री के प्रवचनों को सुनकर उनकी आस्था बढ़ी। राजू बचपन से ही चित्रकारी करते हैं। उन्होंने कई पेंटिंग बनाई हैं। वह कहते हैं कि जिनके दिल में हौसला होता है, उन्हीं के पक्ष में फैसला होता है। पेंटिंग बनाते समय उन्हें एक अलग ही शक्ति का आभास हुआ जिससे उनका आत्मविश्वास बढ़ गया।
पेंटिंग का किया अनावरण
इस पेंटिंग का अनावरण कार्यक्रम लाभ पंचमी के दिन आचार्य गुरुदेव के आशीर्वाद से किया गया। इस मौके पर जिन शरणम ट्रस्ट के ट्रस्टी सुमेश वाणावत, राष्ट्रीय सांस्कृतिक मंत्री बलवंत बल्लू ,सचिन गंगावत, गुरुभक्त हेमंत अकोत आदि समाजजन उपस्थित थे।













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