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उत्तम आर्जव पर हुई धर्म की प्रभावना : भगवान का अभिषेक किया गया


उत्तम आर्जव धर्म के दिन आज प्रातः परम पूज्य पवित्र माताजी के संघ सानिध्य में आदिनाथ मंदिर में वागड़ के बड़े बाबा आदिनाथ भगवान नेमिनाथ व भगवान महावीर समवशरण मंदिरजी में शांति धारा अभिषेक किया गया। अभिषेक के बाद माता जी का आगमन चातुर्मास पंडाल में हुआ, जहां पर गन गोटी मैं विराजमान श्री जी की प्रतिमा का अभिषेक किया गया। पढ़िए सुरेश चंद्र गांधी की रिपोर्ट…


नौगामा। उत्तम आर्जव धर्म के दिन आज प्रातः परम पूज्य पवित्र माताजी के संघ सानिध्य में आदिनाथ मंदिर में वागड़ के बड़े बाबा आदिनाथ भगवान नेमिनाथ व भगवान महावीर समवशरण मंदिरजी में शांति धारा अभिषेक किया गया। अभिषेक के बाद माता जी का आगमन चातुर्मास पंडाल में हुआ, जहां पर गन गोटी मैं विराजमान श्री जी की प्रतिमा का अभिषेक किया गया। अभिषेक करने का प्रथम सौभाग्य नानावटी मनोज कुमार द्वारा किया गया। उसके उपरांत उपस्थित संस्कार शिविर के शिविरार्थियों व उपस्थित धर्म प्रेमी बंधुओं द्वारा 108 कलशों से अभिषेक किया गया। अभिषेक के बाद माता जी के सानिध्य में एवं पंडित रमेश चंद्र गांधी, भैयाजी मुंगावली के दिशा निर्देशन में गंणधर विलय विधान के अर्घ्य बड़ी भक्ति भाव से वाद्य यंत्रों के मधुर स्वर लहरों के साथ नाचते हुए गाते हुए गरबा नृत्य करते हुए चढ़ाए गए।

इस विधान के द्रव्य दान करने का सौभाग्य गांधी अमित कुमार अरविंद को प्राप्त हुआ। इस अवसर पर सौधर्म इंद्र नानावटी विनोद, ईशान इंद्र नीतेश मीठालाल एवं इंद्र बनने का सौभाग्य इंद्र गांधी संजय विनोद को प्राप्त हुआ। दोपहर में माताजी द्वारा तत्वार्थ सूत्र का वाचन अर्थ बताया गया। शाम को आचार्य भक्ति प्रतिक्रमण आरती के बाद जैन पाठशाला के छात्रों द्वारा रंगारंग सांस्कृतिक कार्यक्रम किए थे।

आज माताजी ने उत्तम आर्जव धर्म पर प्रवचन ने कहा कि उत्तम आर्जव धर्म को अपनाने से मनुष्य निष्कपट एवं राग द्वेष से दूर होकर सरल हृदय से जीवन व्यतीत कर सकता है। सरल बना बहुत आसान है परंतु सरल दिखाना बहुत कठिन है। चातुर्मास कमेटी अध्यक्ष निलेश जैन, राजेंद्र गांधी, नरेश जैन ने बताया कि अभी नौगामा नगर में दसलक्षण धर्म के उपलक्ष्य में धर्म प्रेमी बंधुओं द्वारा 5, 10, 16 उपवास कर रहे हैं एवं धर्म प्रभावना बढ़ा रहे हैं।

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