ग्वालियर के सुप्रसिद्ध ज्योतिषाचार्य डॉ. हुकुमचंद जैन को दिल्ली ज्योतिष सम्मेलन में सम्मानित किया गया। आचार्य श्री सौरभ सागर जी महाराज की प्रेरणा व आशीर्वाद से चल रहे वास्तु एवं ज्योतिष सम्मेलन सूरजमल विहार में ग्वालियर नगर की तरफ से वरिष्ठ ज्योतिषाचार्य डॉ. हुकुमचंद जैन ने भाग लिया और अपना ज्योतिष आलेख वाचन करते हुए प्रथम सत्र में कुंडली में बनने वाले चांडाल योग और अंगार कारक योग पर शोध पढ़ा। पढ़िए मनोज जैन नायक की रिपोर्ट…
दिल्ली। ग्वालियर के सुप्रसिद्ध ज्योतिषाचार्य डॉ. हुकुमचंद जैन को दिल्ली ज्योतिष सम्मेलन में सम्मानित किया गया। आचार्य श्री सौरभ सागर जी महाराज की प्रेरणा व आशीर्वाद से चल रहे वास्तु एवं ज्योतिष सम्मेलन सूरजमल विहार में ग्वालियर नगर की तरफ से वरिष्ठ ज्योतिषाचार्य डॉ. हुकुमचंद जैन ने भाग लिया और अपना ज्योतिष आलेख वाचन करते हुए प्रथम सत्र में कुंडली में बनने वाले चांडाल योग और अंगार कारक योग पर शोध पढ़ा। दूसरे दिन पांचवे सत्र में फिर ज्योतिषाचार्य जैन ने कहा कि ज्योतिष में सारे ग्रहों के कष्ट निवारण के उपचार हमारे परिवार एवं घर में ही होते है ।
हम उनपर ध्यान न देकर महंगे महंगे रत्न अंगूठी धारण कर के उपचार करना चाहते हैं या फिर तंत्र मंत्र, पूजा पाठ के चक्करों में रहते हैं। जबकि अपने ही घर में सभी ग्रहों के कष्ट निवारण हेतु उपाय रहते है । यह बताते हुए समझाया कि अगर कुंडली में आप का सूर्य ग्रह खराब है या उसकी दशा खराब फल दे रही है तो पिता के प्रतिदिन सुबह उठकर पैर छुएं, सूर्य नमस्कार करें, गाय को गेहूं, गुड़ खिलाएं। अगर चंद्रमा खराब है या उससे संबंधित परेशानी हो रही है तो मां के पैर छुए, उनके पास बैठे, उनकी बात सुने, उनकी कोई जरूरत पूरी करते रहें, गाय को आटा, चावल खिलाए। मंगल ग्रह खराब फल दे रहे हैं तो भाई से संबंध अच्छे रखें, उनकी जरूरत पूरी करें, गाय को मलका मसूर गुड़ खिलाते रहें।
बुध संबंधी बातों की परेशानी हो रही है, व्यापार नहीं चल रहा या विवेक काम नहीं कर रहा समझो बुध ग्रह खराब है। बहन, भांजी, मौसी, चाची की जरूरत पूरी करें व गाय को हरा घास खिलाएं। गुरु खराब फल दे रहे हैं तो गुरु की सेवा करें, गुरु द्वारा दिए मंत्र का जाप करें, पुस्तक दान करें, गाय को चने की दाल खिलाते रहें। शुक्र खराब हो गया है तो पत्नी पर क्रोध न करें, उनकी जरूरत पूरी करते रहे, गाय को आटे में मिलाकर गुड़ खिलाएं। शनि ग्रह भारी हो गया है तो उसकी पीड़ा निवारण के लिए अपने अधीन सेवकों से अच्छा व्यवहार रखें, उनकी सैलरी न रोकें, गाय को काले उड़द खिलाते रहें। ज्ञात रहे वरिष्ठ ज्योतिषाचार्य डॉ हुकुमचंद जैन 26 वर्षों से लगातार ज्योतिष के क्षेत्र में कार्यरत हैं। अनेक जटिल मुद्दों पर भविष्यवाणी सत्य सिद्ध होने से उनकी ज्योतिष के क्षेत्र में दूर- दूर तक विख्यात हैं। इस अवसर पर सूरजमल विहार दिल्ली की समाज ने उन्हें तिलक, माला, स्मृति चिह्न आदि भेंट कर सम्मानित किया।













Add Comment