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भव्य वर्षा योग कलश स्थापना 2024 संपन्न : स्वाध्याय और गुरु भक्ति के माध्यम से अपने जीवन को उत्कृष्ट बना सकते हैं


संत शिरोमणि आचार्य श्री विद्यासागर जी महाराज के अज्ञानुवर्ती शिष्य समाधिस्थ मुनि श्री भूतबली सागर जी महाराज के सुशिष्य मुनि श्री मौन सागर जी महाराज, मुक्तिसागरजी महाराज का वर्षायोग 2024 मंगल कलश स्थापना सानंद संपन्न हुआ। इंदौर में इस वर्ष लगभग 11/ 12 चातुर्मास संपन्न होने जा रहे हैं लेकिन उसमें प्रथम कलश स्थापना का सौभाग्य नेमीनगर करने प्राप्त हुआ। पढ़िए यह विशेष रिपोर्ट…


इंदौर। नेमीनगर जैन कॉलोनी इंदौर में भव्य वर्षा योग कलश स्थापना 2024 सानंद संपन्न हुआ। यह जानकारी देते हुए समाज के अध्यक्ष कैलाश लुहाडि़या एवं महामंत्री गिरीश पटौदी बताया कि नेमी नगर में संत शिरोमणि आचार्य श्री विद्यासागर जी महाराज के अज्ञानुवर्ती शिष्य समाधिस्थ मुनि श्री भूतबली सागर जी महाराज के सुशिष्य मुनि श्री मौन सागर जी महाराज , मुक्तिसागरजी महाराज का वर्षायोग 2024 मंगल कलश स्थापना सानंद संपन्न हुआ। इंदौर में इस वर्ष लगभग 11/ 12 चातुर्मास संपन्न होने जा रहे हैं लेकिन उसमें प्रथम कलश स्थापना का सौभाग्य नेमीनगर करने प्राप्त हुआ।

इस अवसर पर हजारों की संख्या में गुरुभक्त इंदौर के साथ मुंबई, गाजियाबाद, देवास ,आष्टा सुसनेर, पिडावा,कन्नड़ आदि अनेक स्थानों से उपस्थित हुए। मंगलाचरण कल्पना जैन,स्मिता गंगवाल, निर्मला पाटोदी सरिता जैन किरण बड़जात्या, ज्योति सेठी ने किया। उपाध्यक्ष संदीप गंगवाल व राजेश बज ने बताया कि प्रथम कलश का सौभाग्य दीपेश गोधा, द्वितीय कलश राहुल वडोदरा, तृतीय कलश नीलेश छाबड़ा देवास, चतुर्थ कलश सुषमा जैन छाबड़ा नेमीनगर, पंचम कलश अतुल संगीता जैन नेमीनगर को प्राप्त हुआ। पाद प्रक्षालन का लाभ समस्त कलश स्थापना करने वाले पुण्यार्जकों को प्राप्त हुआ।

मां जिनवाणी भेंट करने का सौभाग्य समस्त महिला मंडल को प्राप्त हुआ।परम विदुषी ब्रह्मचारिणी मंजुला दीदी के सफल निर्देशन में कार्यक्रम एक सूत्र में बंधा रहा। वर्षा योग समिति के प्रमुख मनीष काला(मोनू) रवि वेद शैलेश अजमेरा, ज्योति सेठी, शीलू पाटनी ने बताया कि इस अवसर पर स्वागत गीत एवं सरस्वती वंदना महिका कासलीवाल और कशिश ने प्रस्तुत किया।

पूज्य मुनिश्री ने अपने मंगल आशीष और वचन के अंतर्गत कहा कि चातुर्मास काल में विशेष धर्म साधना होती है। इस अवसर पर स्वाति नक्षत्र के सदृश्य ज्ञान की बूंद गिरती है, वह सम्यक्त्व का मोती बनती है। हम स्वाध्याय और गुरु भक्ति के माध्यम से अपने जीवन को उत्कृष्ट बना सकते हैं। हमें अपने जीवन में संयम का पालन करना चाहिए। संयम के माध्यम से ही उच्च गति को प्राप्त कर सकते हैं। मुनि श्री ने कहा इस चातुर्मास काल में हम विशेष परिस्थिति अगर हुई तो उनको छोड़कर नेमी नगर से कहीं भी विहार नहीं करेंगे, इसका सभी ने भरपूर स्वागत किया। हजारों की संख्या में उपस्थित जन समुदाय ने पूज्य गुरुदेव के जय जयकार के नारे लगाए।

इस अवसर पर कौशल्या पतंगिया, सरिता जैन, रेखा पतंगया, उर्मिला दोषी, दमयंती लुहाडिया, निर्मला पाटोदी, स्मिता गंगवाल, मनी अजमेरा, कपूरचंद अजमेरा, इंद्र कुमार सेठी, सुदर्शन जटाले, प्रवीण पहाड़िया, गिरीश काला, प्रेमचंद काला, डॉ प्रकाश जैन,पुलक मंच के प्रदीप बड़जात्या, कमल रावका, सामाजिक संसद से सुशील पंड्या एवं अन्य सदस्य आदि अनेक गणमान्य समाज जन उपस्थित थे। सभी धार्मिक मांगलिक क्रियाये पंडित अर्पित वाणी ने सम्पन्न करवाईं।

संचालन मंत्री गिरीश पाटोदी ने किया एवं आभार समाज अध्यक्ष कैलाश लुहाडिया ने माना।

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