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धर्म जागृति संस्थान का राष्ट्रीय अधिवेशन संपन्न: कार्यकर्ता ही संघटन की रीढ़, वर्तमान युग संघठित रहने का युग – आचार्य वसुनंदी महाराज


अखिल भारतवर्षीय धर्म जागृति संस्थान का सप्तम राष्ट्रीय अधिवेशन श्री चंद्र प्रभु अतिशय क्षेत्र देहरा तिजारा के प्रांगण में स्थित चन्द्रगिरि वाटिका में परम पूज्य आचार्य श्री वसुनंदी महामुनिराज ससंघ के सानिध्य व मार्गदर्शन में सोमवार 15 अप्रेल को भव्यता के साथ पूरे देश से पधारे करीब 700 प्रतिनिधियों की उपस्थिति में आयोजित हुआ। पढि़ए मनोज जैन नायक की पूरी रिपोर्ट…


तिजाराजी। अखिल भारतवर्षीय धर्म जागृति संस्थान का सप्तम राष्ट्रीय अधिवेशन श्री चंद्र प्रभु अतिशय क्षेत्र देहरा तिजारा के प्रांगण में स्थित चन्द्रगिरि वाटिका में परम पूज्य आचार्य श्री वसुनंदी महामुनिराज ससंघ के सानिध्य व मार्गदर्शन में सोमवार 15 अप्रेल को भव्यता के साथ पूरे देश से पधारे करीब 700 प्रतिनिधियों की उपस्थिति में आयोजित हुआ।

ध्वजारोहण के साथ हुआ शुभारम्भ

धर्म जागृति संस्थान के राष्ट्रीय महामंत्री इंजीनियर भूपेंद्र जैन दिल्ली ने बताया कि अधिवेशन प्रात: प. शिखर चंद जैन के निर्देशन में ध्वजारोहण के बाद मंगलाचरण, चित्र अनावरण, दीप प्रज्वलन के साथ प्रारंभ हुआ। इसके बाद आचार्य श्री का पादप्रक्षालन धर्म जागृति संस्थान दिल्ली, निकुंज जैन, राजकमल सरावगी, अनिता जैन आदि ने तथा शास्त्र भेंट धर्म जागृति संस्थान अजमेर द्वारा किया गया।

वार्षिक कार्य रिपोर्ट व सुझाव

राष्ट्रीय मंत्री संजीव जैन व राष्ट्रीय प्रचार मंत्री संजय जैन बडजात्या कामां ने केंद्रीय संस्थान की कार्य रिपोर्ट सदन के समक्ष रखने के बाद सदस्यों से सुझाव आमंत्रित किए गए जिसमें पवन चौधरी अलवर, पदम जैन बिलाला, भाग चंद मित्रपुरा, यस जैन, रजत जैन धारूहेड़ा, राकेश जैन, सुनील पहाडिय़ां, पंकज लुहाडिया, रोबिन जैन पलवल, रचना जैन उत्तमनगर, राहुल जैन फरीदाबाद, विनीत उनेरिया अजमेर, सन्नी जैन उत्तम नगर, हरखचन्द बडज़ात्या आदि ने कहा कि साधु संतों के आहार-विहार में सहयोग हेतु युवा वर्ग में जागृति लाना, धर्म व जाति के कालम में जैन लिखना, जैन धर्म के साथ जैन जाति घोषित करवाने हेतु राज्य व केंद्र सरकार को ज्ञापन, मेल, पत्र लिखना, बच्चों व बड़ों को पाठशालाओं के माध्यम से संस्कारित करना आदि के सुझाव प्राप्त हुए। प्रथम तीर्थंकर आदिनाथ के जन्म दिवस पर सार्वजनिक अवकाश की मांग, साधु सन्तों के पद विहार में सुरक्षा की मांग, संतों के प्रवास हेतु भूमि/भवन की मांग, श्रमण संस्कृति बोर्ड में जैन शब्द जोडऩे व सभी राज्यो में गठन की मांग, प्राकृत भाषा के विकास हेतु बोर्ड व अध्ययन/अध्यापन व्यवस्था की मांग, अल्पसंख्यक बोर्ड आदि में जैन प्रतिनिधित्व की मांग सहित कई मांगे केंद्रीय/राज्य सरकारों के समक्ष रखने के सुझाव प्राप्त हुए। केंद्रीय समिति की और से आचार्य श्री से विचार-विमर्श के बाद संयोजक सुरेश चन्द जैन गौतमनगर दिल्ली ने इन पर सहमति व्यक्त करते हुए शीघ्र कार्यवाही का निर्णय सदन को बताया। सदन में एक स्वर से धर्म सिखाओं-धर्म बचाओं नारे के साथ सन्तों के विहार में सहयोग करो का नारा हुआ बुलन्द।

भक्तों ने किया आचार्य पूजन

दूसरे सत्र में आचार्य श्री की अष्ट द्रव्य के साथ पूजन की गई पूजन का मधुर वाचन वर्धस्व नंदिनी मातजी द्वारा किया गया तथा शाखाओं द्वारा एक-एक द्रव्य भक्ति के साथ झूमते हुए गुरुवर को अर्पित किए गए। पूजन कार्य की सुंदर व्यवस्था ज्ञान चंद जैन ने की थी।

संघठन में ही शक्ति है

आचार्य श्री वसुनंदी महाराज ने अपने उद्धबोधन में प्राप्त सुझावों को महत्त्वपूर्ण बताते हुए कहा कि कार्यकर्ता ही संघटन की रीढ़ होते है तथा वर्तमान युग संघठित रहने का युग है। संगठित समाज ही अपनी मांगे सरकार से पूर्ण कराने में सक्षम होता है। इसके बाद आचार्य श्री ने कहा कि काम करने वाले का सम्मान करना प्रोत्साहन व प्रेरणा का कार्य करता है। आचार्य श्री ने उत्कृष्ट कार्य करने हेतु चयनित शाखाओं के नाम की घोषणा की, जिन्हें राष्ट्रीय कार्यकारिणी योगेश जैन मेरठ, निकुंज जैन दिल्ली, डॉ नीरज जैन, अतुल गांधी मुम्बई, रमेश गर्ग बोलखेड़ा, संजीव जैन, राजकमल सरावगी, संजय जैन बडज़ात्या, देहरा समिति अध्यक्ष मुकेश जैन, नरेश जैन, शम्भू जैन द्वारा सम्मानित किया गया।

राजस्थान प्रान्त सर्वश्रेष्ठ शाखा

राजस्थान की प्रांतीय शाखा को ‘संस्थान की राष्ट्रीय सर्वश्रेष्ठ शाखा’ चुना गया, जिसने ‘पदम जैन बिलाला जयपुर’ की अध्यक्षता में समाज हित में महत्वपूर्ण कार्य संपन्न करने पर बिलाला को वसुनंदी महाराज के जयकारों व करतल ध्वनि के बीच सम्मानित किया गया। जिसके बाद उन्होंने सभी पदाधिकारियों के साथ संघ से आशीर्वाद प्राप्त किया।

राष्ट्रीय संस्थान द्वारा महिला वर्ग शाखा में प्रथम -उत्तम नगर दिल्ली,
द्वितीय -ग्रीन पार्क दिल्ली
तृतीय – जनुथर जिला डीग
पुरुष वर्ग में प्रथम -अलवर
द्वितीय -मेरठ
तृतीय – सलूम्बर को चयनीत किया गया ।

सम्मान अभिनंदन

इधर तिजारा क्षेत्र प्रबंध समिति द्वारा सभी केंद्रीय पदाधिकारियों का स्वागत सम्मान किया गया। अधिवेशन में कार्यकर्ताओं व पदाधिकारियों को सम्मानित किया गया, जिसमें किरण जैन, हरक चंद, महेश काला, राजीव लाखना, भूपेश जैन, देवेंद्र जैन कठूमर, पवन जैन अलवर, प्रभास जैन राजकोट, संदीप सेठी फरीदाबाद, श्रेयांश जैन ग्रीन पार्क दिल्ली, घनश्याम जैन जनुथर, राजेंद्र जैन जयपुर, संजय सर्राफ कामां, सुंदरम जैन सलूंबर, सुरेंद्र जैन, प्रवीण जैन, दुलीचंद जैन, प्रेमचंद जैन तिजारा आदि प्रमुख रहे। कार्यक्रम का कुशल व सुव्यवस्थित संचालन संजय जैन बडजात्या कामां, इंद्रा बडजात्या जयपुर व नमन जैन मेरठ द्वारा किया गया।

धन्यवाद ज्ञापन

कार्यक्रम के अंत में तिजारा क्षेत्र की प्रबंध समिति द्वारा सुंदर व्यवस्थाओं के लिया संस्थान द्वारा उनका अभिनंदन किया गया व धन्यवाद ज्ञापित किया गया। साथ ही राष्ट्रीय महामंत्री ने सभी शाखाओं सदस्यों व कार्यकताओं का आभार व्यक्त किया।

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