सदी के महान संत आचार्य श्री विद्यासागर महाराज के श्री चरणों में शुभकामना परिवार ने अपने श्रद्धा सुमन अर्पित किए। आचार्य श्री विद्यासागर महाराज की महासमाधि से दुःखित शुभकामना परिवार ने उन्हें भावभीनी विनयांजलि अर्पित की। परिवार की सदस्यों ने मुनिश्री के संदेशों का अनुसरण करने का संकल्प भी लिया। पढ़िए मनोज जैन नायक की रिपोर्ट…
मुरैना। सदी के महान संत आचार्य श्री विद्यासागर महाराज के श्री चरणों में शुभकामना परिवार ने अपने श्रद्धा सुमन अर्पित किए। आचार्य श्री विद्यासागर महाराज की महासमाधि से दुःखित शुभकामना परिवार ने उन्हें भावभीनी विनयांजलि अर्पित की। परिवार की सदस्यों ने मुनिश्री के संदेशों का अनुसरण करने का संकल्प भी लिया। विनयांजलि सभा में शुभकामना परिवार की सदस्यों ने भक्तामर पाठ किया और भगवान आदिनाथ का स्मरण किया। इस अवसर पर उन्होंने गौशाला के लिए दान भी निकाला। बता दें कि शुभकामना परिवार का गठन जैन साध्वी स्वास्तिभूषण माताजी ने किया है। इस समूह की सदस्य हर महीने भक्तामर पाठ का आयोजन करती हैं और गौसेवा के लिए दान भी देती हैं।
दें सच्ची श्रद्धांजलि
विनयांजलि सभा में शुभकामना परिवार की भावना जैन ने कहा कि आचार्य श्री विद्यासागर महाराज को उनके ज्ञान और तप की वजह से ब्रह्मांड के भगवान का दर्जा दिया गया था। इस सदी में जैन धर्म के सिद्धांतों को प्रभावी ढंग से प्रसारित करने का पुनीत कार्य आचार्यश्री ने किया। वे हमेशा कहते थे कि हम मन और शरीर से ही नहीं, बल्कि वाणी से भी अहिंसक बनें। शब्दबाण बहुत घातक होते हैं, इसलिए कभी किसी को पीड़ा पहुंचाने वाली बात न कहें। हम उनके जीवन से प्रेरणा लें, उनके बताए सिद्धांतों पर चलने का प्रयास करें, यही उनके प्रति सच्ची श्रद्धांजलि होगी। शशि जैन में कहा कि आचार्य विद्यासागर की समाधि संल्लेखना पूर्वक हुई है, यह बड़ी बात है। उन्होंने जैनाचार्यों द्वारा निर्धारित की गई पद्धति के अनुसार ही महासमाधि ली है। विनयांजलि सभा में शुभकामना परिवार की अन्य सदस्यों ने भी आचार्य विद्यासागरजी की महानता के बारे में अपने विचार व्यक्त किये। इस मौके पर बबिता जैन, रजनी जैन, जूली जैन, उषा जैन, पारुल जैन, अभिलाषा जैन, भावना जैन, सारिका जैन, शिल्पी जैन, प्रीति जैन आदि उपस्थित रहीं













Add Comment