राष्ट्र संत आचार्य श्री विहर्ष सागर जी महाराज ससंघ के सानिध्य में आगामी 9 फरवरी से 11 फरवरी तक दलाल बाग परिसर छत्रपति नगर में होने वाले श्री पार्श्वनाथ महा अर्चना एवं विश्व शांति महायज्ञ का शुभारंभ प्रातः 7बजे हुआ। अनुष्ठान की शुरुआत आचार्य संघ के सानिध्य में मोदी जी की नसियां, बड़ा गणपति से दलाल बाग परिसर तक निकलने वाली घट यात्रा एवं स्वर्ण रथ में विराजित श्री जी की शोभा यात्रा से हुई। श्रीफल जैन न्यूज के लिए रेखा जैन की रिपोर्ट…
इंदौर। आचार्य श्री विहर्ष सागर जी महाराज के सानिध्य में श्री पार्श्वनाथ महार्चना और विश्वशांति महायज्ञ का आगाज घट यात्रा से हुआ। सुबह 8 बजे से घटयात्रा का प्रारम्भ मोदी जी की नसियां से हुआ, जो पहले यात्रा रामशा मंदिर होते हुए दलाल बाग पहुंची। घटयात्रा में स्वर्ण रथ, हाथी, घोड़े बैंड बाजे के साथ भगवान और आचार्य श्री विहर्ष सागर महाराज ससंघ सहित थे। इस दौरान महिलाओं ने केसरिया साड़ी और पुरुषों ने सफेद पोशाक पहन लगी थी। अनेक श्रावक-श्राविका ध्वज भी साथ में लेकर चल रहे थे, साथ ही जैन धर्म के नारे लगा रहे थे। घटयात्रा में अनुष्ठान के मुख्य पात्र हाथी- घोड़े पर बैठे थे तो अनेक सामान्य इंद्र-इंद्राणी सिर पर कलश लेकर पैदल चल रहे थे।
घटयात्रा के दलाल बाग पहुंचने के बाद वहां पर ध्वजा रोहण किया गया। इंदौर शहर की अनेक महिला मंडल कार्यक्रम में शामिल हुए और उनके साथ अनेक संस्थाओं के पदाधिकारी भी मौजूद थे। घटयात्रा में अनुष्ठान के अध्यक्ष राजकुमार पाटोदी, एम के जैन, सुशील पांड्या, डॉ जैनेन्द्र जैन, राकेश विनायका ,हंसमुख गांधी, टीके वेद, कैलाश चंद नेताजी, संदीप पहाड़ियां, मनोज काला, प्रिसपाल टोंग्या, जयदीप जैन, सुनील गोधा, पारस जैन,राजेश गंगवाल, संदीप पहाड़िया, पवन पाटोदी आदि शामिल हुए।
ध्वजारोहण बाबूलाल सतभैया परिवार ने, पांडाल उद्घाटन आर.के नैना जैन परिवार ने और मंच उद्घाटन ओमप्रकाश पुष्पा जैन परिवार ने किया। नौ फरवरी से शुरू यह आयोजन 11 फरवरी तक चलेगा। अनुष्ठान में 3 हजार से अधिक श्रावक-श्राविका बैठकर भगवान पार्श्वनाथ की आराधना करेंगे। विधान में सौधर्म इंद्र बनने का सौभाग्य दीपक-शानू जैन परिवार को, चक्रवर्ती बनने का सौभाग्य नमन-प्राची काला परिवार को, कुबेर इंद्र बनने का सौभाग्य विमल-माया झांझरी को, महायज्ञ नायक बनने का सौभाग्य संजय-सपना पापड़ीवाल को, यज्ञ नायक बनने का सौभाग्य राहुल-इशिता गोधो को, सानत कुमार बनने का सौभाग्य गौरव-शचि जैन को, माहेंद्र बनने का सौभाग्य देवेंद्र-मोनिका बाकलीवाल को और सौभाग्यवती बनने का सौभाग्य रिंपी असीम सतभैया, मीनाक्षी अजीत जैन, मनाली भरत बड़जात्या और प्रीति निर्मल अग्रवाल को प्राप्त हुआ।













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