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वर्षायोग का हुआ समापन : मुनि श्री सुयश सागर जी महाराज ने किया कार्यकर्ताओं का सम्मान


श्री दिगंबर जैन मंदिर में जिन शासक प्रभावक जैन संत मुनि श्री 108 सुयश सागर जी ने धर्म सभा को सम्बोधित किया। इस अवसर पर कार्यकर्ताओं का सम्मान भी किया गया। पढ़िए राज कुमार अजमेरा और नवीन जैन की रिपोर्ट…


झुमरीतिलैया। श्री दिगंबर जैन मंदिर में जिन शासक प्रभावक जैन संत मुनि श्री 108 सुयश सागर जी ने धर्म सभा को सम्बोधित करते हुए कहा कि जब घर में बहू आती है तो सास को खुशी होती है। जब घर में बच्चा आता है तो परिवार को खुशी होती है। नेता आता है तो पार्टी को खुशी होती है और जब नगर में संत आते हैं तो पूरे समाज को खुशी होती है। चारों ओर आनंद ही आनंद आता है।

उन्होंने कहा कि बसंत आता है तो प्रकृति मुस्कुराती है, संत आते है तो संस्कृति मुस्कुराती है। दिगम्बर जैन मुनि जीवों की रक्षा के लिए, अहिंसा धर्म के पालनार्थ वर्षाकाल में एक ही नगर गांव में ठहरकर व्रतों का पालन करते हैं। चातुर्मास, वर्षायोग का उद्देश्य है कि विशिष्ट साधना करना जैसे जननी गर्भ धारण करती है, वैसे ही आषाढ़ के माह में पानी गिरने से भूमि गर्म धारण करती है। इसमें अनेक प्रकार के जीवो की उत्पत्ति होती है। उन जीवों की रक्षार्थ दिगम्बर मुनि चातुर्मास करते हैं। आत्मा की साधना के लिए वर्षावास होता है।

संतों का वर्षायोग होना भव्य जीवों का पुण्य

पूज्य गुरु ने बताया कि जब आकाश से पानी बरसता है तो पृथ्वी उपजाऊ होती है, फिर बीज अंकुरित होते हैं। जहां संतों के उपदेश न हों, जिनवाणी न बरसे और हदय मुलायम न हो और उसमें से ज्ञान, श्रद्धा, चारित्र के बीज अंकुरित न हों तो समझना बंजर भूमि है। ध्यान रखना कि गीली मिट्टी को आकार दिया जा सकता है लेकिन सूखी मिट्टी को कोई आकार नहीं दिया जा सकता। लगता है कि कोडरमा वाले इतने पुण्यात्मा हैं कि बिना परिश्रम के संत यहा आ जाते हैं। संतों का वर्षायोग होना भव्य जीवों के पुण्य से होता है। धर्म- धर्मात्मा का विकास हो, प्राणी मात्र का कल्याण हो, धर्म-समाज- राष्ट्र- विश्व में शांति स्थापित हो,यही वर्षांयोग, चातुर्मास का उद्देश्य है। समता, सरलता, सहजता और साधना ही साधु की पहचान है। पहले दिगम्बर मुनि जंगल में रहकर साधना करते थे, परन्तु वर्तमान में शक्ति हीन होने से साथ नगरों में ठहरकर साधना करते हैं।

पहनाई रजत माला 

इस अवसर पर दिगंबर जैन समाज के उपाध्यक्ष जैन कमल सेठी, मंत्री जैन ललित सेठी, राज छाबड़ा, चातुर्मास कमेटी के संयोजक नरेंद्र झांझरी, सुनीता सेठी, ममता सेठी, राजीव छाबड़ा, सुमित सेठी, दिलीप बाकलीवाल, आवास एवं भोजन विभाग के सदस्य सुशील पांड्या, बिनोद अजमेरा, विकास सेठी, शालू छाबडा, जोंटी काला, आवास के मनीष सेठी आदि कई विभाग के संयोजक के साथ मीडिया प्रभारी राज कुमार अजमेरा और नवीन जैन का विशेष सम्मान करते हुए मुनि श्री रजत माला पहनाई।

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