समाचार

चातुर्मासिक धर्म सभा में दिए प्रवचन : उपादान और निमित्त ही धर्म की रीढ़ की हड्डी हैं- आचार्य विहर्ष सागर जी महाराज


आचार्य विहर्ष सागर जी महाराज ने धर्म सभा में कहा कि सभी के पास आत्मा भी है और उपादान भी है। व्यक्ति में कलेक्टर, डाक्टर एसपी वकील बनने की शक्ति है और भगवान बनने की शक्ति भी है। अपनी क्षमता का आकलन कर पहचानो , उसी का नाम धर्म है। पढ़िये राजेश जैन दद्दू की रिपोर्ट… 


इंदौर। उपादान को निमित्त चाहिए। उपादान यानी आपकी स्वयं की इच्छा शक्ति और निमित्त याने बाहर की शक्ति। उपादान और निमित्त ही धर्म की रीढ़ की हड्डी हैं। चातुर्मास में संत तुम्हारे उपादान को चोट करते हैं। मोदी जी की नासियां में चातुर्मासिक धर्म सभा के दौरान आचार्य विहर्ष सागर जी महाराज ने कहा कि आप सभी कहां दुनिया में फंसे हैं ? सभी के पास आत्मा भी है और उपादान भी है। व्यक्ति में कलेक्टर, डाक्टर एसपी वकील बनने की शक्ति है और भगवान बनने की शक्ति भी है। अपनी क्षमता का आकलन कर पहचानो , उसी का नाम धर्म है। मुख्य लक्ष्य है आत्मा को परमात्मा बनाना। परिवार जन को कभी भी अपना मत मानो।

ना आना पड़े इस लोक में

आचार्य श्री ने कहा कि यदि मैं प्रोफेसर सब इंजीनियर या कोई बड़ा अधिकारी बनता तो मुझे शहर के कुछ चुनिंदा लोग ही पहचानत। मैं आचार्य बन गया तो पूरा देश मुझे पहचानता है और यदि मैं भगवान बन गया तो तीन लोक में सभी मुझे पहचानेंगे। श्रावकों आपको भी मनुष्य पर्याय मिली है, इस पर्याय में ऐसा कुछ काम कर लो कि फिर इस पर्याय में वापस ना आना पड़े।

 मुनि श्री विश्व हर्ष सागर जी किया ने केश लोचन 

दिगंबर जैन समाज सामाजिक संसद के अध्यक्ष राजकुमार पाटोदी , दिलीप पाटनी के साथ भारतीय जनता पार्टी के राष्ट्रीय महासचिव कैलाश विजयवर्गीय भी आचार्य श्री के दर्शन और आशीर्वाद लेने पधारे। आज मुनि श्री विश्व हर्ष सागर महाराज ने केश लोचन किया। कार्यक्रम के प्रारंभ में मंगलाचरण पंडित रमेश चंद बांझल ने किया।

ये भी रहे मौजूद

इस अवसर पर समाज श्रेष्ठी पवन बड़जात्या, ऋषभ पाटनी, सतीश जैन, नीरज मोदी, रितेश पाटनी, राजेश गंगवाल सहित सैकड़ों की संख्या में समाजजन उपस्थित थे। धर्म सभा का संचालन कमल काला ने किया एवं आभार पारस पांड्या ने व्यक्त किया।

आप को यह कंटेंट कैसा लगा अपनी प्रतिक्रिया जरूर दे।
+1
3
+1
0
+1
0
Shreephal Jain News

About the author

Shreephal Jain News

Add Comment

Click here to post a comment

You cannot copy content of this page